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भारत के वन्यजीव अभयारण्य

भारत के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य की खोज करें और प्रकृति, वन्यजीव और जैव विविधता का आनंद लें

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भारत के वन्यजीव अभयारण्यों की खोज करें

भारत अपने समृद्ध वन्यजीवों, घने जंगलों और जैव विविधता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। देशभर में फैले वन्यजीव अभयारण्य प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव फोटोग्राफरों और रोमांच पसंद करने वाले यात्रियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं। यहाँ आप बाघ, हाथी, तेंदुआ, हिरण, मगरमच्छ, दुर्लभ पक्षियों और अनेक वन्य जीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देख सकते हैं। उत्तराखंड के घने जंगलों से लेकर कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश और असम के प्रसिद्ध अभयारण्यों तक, भारत हर मौसम में एक अनूठा वन्यजीव अनुभव प्रदान करता है। यदि आप प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं, तो भारत के वन्यजीव अभयारण्य आपकी यात्रा को यादगार बना सकते हैं।

इस पेज पर आप भारत के विभिन्न राज्यों और जिलों में स्थित प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक अभयारण्य के लिए प्रवेश शुल्क, खुलने का समय, घूमने का सर्वोत्तम समय, सफारी की जानकारी, प्रमुख वन्यजीव, यात्रा अवधि, आसपास के पर्यटन स्थल तथा उपयोगी यात्रा सुझाव उपलब्ध हैं। FunYatra नियमित रूप से अपनी जानकारी अपडेट करता है ताकि आप अपनी वन्यजीव यात्रा की बेहतर योजना बना सकें और सुरक्षित तथा यादगार अनुभव का आनंद ले सकें।

सुंदरबन

📍 गोसाबादक्षिण 24 परगना पश्चिम बंगाल

राष्ट्रीय उद्यान
★★★★★ 4.4 (343 Reviews)

सुंदरबन दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है और भारत की सबसे अनोखी प्राकृतिक धरोहरों में से एक है। यह गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदियों के डेल्टा क्षेत्र में स्थित है। यह क्षेत्र रॉयल बंगाल टाइगर, खारे पानी के मगरमच्छ, चीतल हिरण, डॉल्फ़िन और अनेक पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है। नदियों, खाड़ियों और द्वीपों का विशाल जाल यहां की प्राकृतिक सुंदरता को अद्भुत बनाता है। सुंदरबन प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव फोटोग्राफरों और साहसिक पर्यटन पसंद करने वाले यात्रियों के लिए एक आकर्षक गंतव्य है।

🕒 सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
💰 ₹60 - ₹200 प्रति व्यक्ति
1 से 2 दिन
🌤 नवंबर से फरवरी

ठेक्कडी

📍 ठेक्कडीइडुक्की केरल

वन्यजीव अभयारण्य
★★★★★ 3.5 (165 Reviews)

ठेक्कडी केरल के सबसे लोकप्रिय प्राकृतिक स्थलों में से एक है, जो अपनी हरी-भरी जंगलों, वन्यजीवों, मसाला बागानों और प्रसिद्ध पेरियार राष्ट्रीय उद्यान के लिए जाना जाता है। पश्चिमी घाटों में स्थित, यह पर्यटकों को नौकायन, वन्यजीवों को देखने, बांस की राफ्टिंग, ट्रेकिंग और बागान भ्रमण का आनंद लेने के अवसर प्रदान करता है। शांत पेरियार झील और समृद्ध जैव विविधता दुनिया भर के प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करती है। सुहावने मौसम, खूबसूरत नजारों और रोमांचक गतिविधियों के साथ, ठेक्कडी इको-टूरिज्म, वन्यजीव अन्वेषण और सांस्कृतिक अनुभव का एक परफेक्ट मिश्रण पेश करता है।

🕒 सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00
💰 ₹15–₹50, बोट सफारी ₹255–₹500
पूरा दिन
🌤 अक्टूबर से मई
चिड़ियाघर
★★★★★ 4.1 (242 Reviews)

तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर भारत के सबसे पुराने चिड़ियाघरों में से एक है, जिसकी स्थापना 1857 में हुई थी। यह केरल की राजधानी के दिल में स्थित है और एक बड़े बोटैनिकल गार्डन परिसर का हिस्सा है। इस चिड़ियाघर में हरियाली से भरे वातावरण में कई तरह के जानवर, पक्षी और सरीसृप रहते हैं। इसे अच्छी तरह से बनाए गए पिंजड़ों और भारत में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में इसके ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।

🕒 सुबह 9:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक।
💰 ₹20–₹100
2 से 3 घंटे
🌤 अक्टूबर से फरवरी

ओखला बर्ड सैंक्चुअरी

📍 नोएडागौतम बुद्ध नगर उत्तर प्रदेश

वन्यजीव अभयारण्य
★★★★★ 4.2 (310 Reviews)

ओखला बर्ड सेंक्चुअरी एक शांत湿भूमि है जो यमुना नदी के किनारे स्थित है, नोएडा और दिल्ली की सीमा पर। यह पक्षी प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है, जो 300 से अधिक पक्षियों की प्रजातियों का घर है, जिनमें यूरोप और मध्य एशिया से आये प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं। सेंक्चुअरी ओखला बैराज के आसपास बनी है और शहर की आवाज से एक शांतिपूर्ण विश्राम प्रदान करती है।ओखला बर्ड सैंक्चुअरी प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और पक्षी देखनिहारों के लिए एक आदर्श गंतव्य है। दिल्ली और नोएडा के निकट होने के कारण यह एक आसान और ताजगी भरी छुट्टी का स्थान है, खासकर सर्दियों में जब प्रवासी पक्षी आते हैं।

🕒 7:30 बजे से शाम 5:00
💰 भारतीय पर्यटक: ₹30 प्रति व्यक्ति विदेशी पर्यटक: ₹350 प्रति व्यक्ति कैमरा ले जाने पर अलग शुल्क लिया ज
2 से 3 घंटे
🌤
वन्यजीव अभयारण्य
★★★★★ 4.2 (264 Reviews)

ताल छापर वन्यजीव अभयारण्य राजस्थान के चूरू जिले में स्थित एक प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्य है। लगभग 7 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह अभयारण्य अपनी बड़ी सांभर हिरण आबादी, विशाल घास के मैदान और समृद्ध पक्षी जीवन के लिए जाना जाता है। यह अभयारण्य एक अनोखी पारिस्थितिकी प्रणाली प्रदान करता है जहां रेगिस्तानी वन्यजीव खुले मैदानों में पनपते हैं। प्रकृति प्रेमी, पक्षी देखने वाले, फोटोग्राफर और वन्यजीव उत्साही पूरे साल यहाँ आते हैं ताकि इसकी सुंदर प्राकृतिक छटा, शांत वातावरण और दुर्लभ प्रवासी पक्षियों और स्थानीय रेगिस्तानी प्रजातियों को देखने के अवसर का आनंद ले सकें।

🕒 सुबह: 6:00 बजे – 10:00 बजे, शाम: 3:00 बजे – 6:00 बजे
💰 भारतीय पर्यटक: ₹30 – ₹50 विदेशी पर्यटक: ₹300 – ₹400
3 से 4 घंटे
🌤 जुलाई – मार्च

दुधवा राष्ट्रीय उद्यान

📍 पलिया कलाँलखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश

राष्ट्रीय उद्यान
★★★★★ 4.3 (341 Reviews)

दुधवा नेशनल पार्क भारत के बेहतरीन वन्यजीव स्थलों में से एक है, जो तराई क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित है। 1977 में स्थापित, यह अपनी शानदार जैवविविधता, घने साल के जंगलों, विशाल घास के मैदानों और जलभूमियों के लिए प्रसिद्ध है। इस पार्क में बेंगल टाइगर, एक सिंग वाला गैंडा, हाथी, दलदल हिरण (बरसिंघा) और 450 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ रहती हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा होने के कारण, यह नेचर लवर्स को असली जंगल का अनुभव और वन्यजीव फोटोग्राफी और बर्ड वॉचिंग के बेहतरीन मौके देता है।

🕒 सुबह की सफारी: सुबह 6:00 बजे – सुबह 10:00 बजे शाम की सफारी: दोपहर 2:30 बजे – शाम 6:00 बजे
💰 ₹100 – ₹150 प्रति व्यक्ति विदेशी पर्यटक: ₹600 – ₹800 प्रति व्यक्ति जीप सफारी: ₹1500 – ₹3000
एक पूरा दिन
🌤 नवंबर - अप्रैल, मॉनसून के दौरान बंद
वन्यजीव अभयारण्य
★★★★★ 4.4 (362 Reviews)

सारिस्का टाइगर रिजर्व राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव स्थलों में से एक है, जो अलवर जिले की अरावली पहाड़ियों में स्थित है। लगभग 881 वर्ग किलोमीटर में फैला यह रिजर्व बेंगल बाघ, तेंदुए, धारीदार हाइना, सांभर हिरण, नीलगाय और कई पक्षियों की प्रजातियों का घर है। कभी यह शाही शिकार का मैदान था, सारिस्का को 1978 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। इसकी समृद्ध जैव विविधता, सुंदर परिदृश्य, प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक स्मारक इसे वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य बनाते हैं।

🕒 सुबह की सफारी: सुबह 6:00 बजे से 10:00 बजे तक शाम की सफारी: दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
💰 ₹80–₹100 विदेशी: ₹470+ जीप सफारी (प्रति जीप): ₹2,500–₹3,500
4 से 6 घंटे
🌤 अक्टूबर से मार्च

काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान

📍 बोकाखत (सबसे नजदीकी शहर)गोलाघाट, नागाँव और कार्बी आंगलोंग असम

राष्ट्रीय उद्यान
★★★★★ 4.1 (109 Reviews)

काज़ीरंगा नेशनल पार्क भारत के सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव अभयारण्यों में से एक है और असम राज्य में स्थित एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। शक्तिशाली ब्रह्मपुत्र नदी के बाढ़ मैदानों में फैला हुआ, यह पार्क खतरे में पड़े भारतीय एक सींग वाले गेंडे की दुनिया की सबसे बड़ी जनसंख्या के लिए प्रसिद्ध है। समृद्ध घास के मैदान, जलभूमि, जंगल और विविध वन्यजीव काज़ीरंगा को प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और वन्यजीव उत्साही लोगों के लिए स्वर्ग बनाते हैं।

🕒 सुबह: 7:00 बजे – 12:00 बजे दोपहर: 1:00 बजे – 4:30 बजे
💰 ₹100 – ₹200, जीप सफारी: ₹2,500 – ₹4,000 प्रति जीप
1 से 2 दिन
🌤 नवंबर से अप्रैल
वन्यजीव अभयारण्य
★★★★★ 3.9 (138 Reviews)

मैलघाट टाइगर रिज़र्व महाराष्ट्र के अमरावती जिले के उत्तरी हिस्से में स्थित है, जो सतपुड़ा पहाड़ियों (गविलगढ़ रेंज) में घिरा हुआ है। इसे 1974 में प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत स्थापित किया गया था, और यह भारत के पहले नौ टाइगर रिज़र्व में से एक और महाराष्ट्र का पहला टाइगर रिज़र्व था। 'मैलघाट' नाम का मतलब है 'घाटों का मिलन', जो इस क्षेत्र की कई घाटियों और पहाड़ियों का संकेत देता है। यह रिज़र्व अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने सागौन के जंगलों, गहरी खाइयों, नदियों और विविध वन्यजीवन के लिए प्रसिद्ध है।

🕒 सुबह की सफारी: सुबह 6:00 - 10:00 - शाम की सफारी: 3:00 - 6:30
💰 ₹50 – ₹100 प्रति व्यक्ति, ₹2,500 – ₹3,500 प्रति जीप
2–3 दिन
🌤 1 अक्टूबर – 30 जून
कुल परिणाम: 9