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भारत के वन्यजीव अभयारण्य

भारत के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्य की खोज करें और प्रकृति, वन्यजीव और जैव विविधता का आनंद लें

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भारत के वन्यजीव अभयारण्यों की खोज करें

भारत अपने समृद्ध वन्यजीवों, घने जंगलों और जैव विविधता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। देशभर में फैले वन्यजीव अभयारण्य प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव फोटोग्राफरों और रोमांच पसंद करने वाले यात्रियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं। यहाँ आप बाघ, हाथी, तेंदुआ, हिरण, मगरमच्छ, दुर्लभ पक्षियों और अनेक वन्य जीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देख सकते हैं। उत्तराखंड के घने जंगलों से लेकर कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश और असम के प्रसिद्ध अभयारण्यों तक, भारत हर मौसम में एक अनूठा वन्यजीव अनुभव प्रदान करता है। यदि आप प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं, तो भारत के वन्यजीव अभयारण्य आपकी यात्रा को यादगार बना सकते हैं।

इस पेज पर आप भारत के विभिन्न राज्यों और जिलों में स्थित प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रत्येक अभयारण्य के लिए प्रवेश शुल्क, खुलने का समय, घूमने का सर्वोत्तम समय, सफारी की जानकारी, प्रमुख वन्यजीव, यात्रा अवधि, आसपास के पर्यटन स्थल तथा उपयोगी यात्रा सुझाव उपलब्ध हैं। FunYatra नियमित रूप से अपनी जानकारी अपडेट करता है ताकि आप अपनी वन्यजीव यात्रा की बेहतर योजना बना सकें और सुरक्षित तथा यादगार अनुभव का आनंद ले सकें।

ठेक्कडी

📍 ठेक्कडीइडुक्की केरल

वन्यजीव अभयारण्य
★★★★★ 3.5 (165 Reviews)

ठेक्कडी केरल के सबसे लोकप्रिय प्राकृतिक स्थलों में से एक है, जो अपनी हरी-भरी जंगलों, वन्यजीवों, मसाला बागानों और प्रसिद्ध पेरियार राष्ट्रीय उद्यान के लिए जाना जाता है। पश्चिमी घाटों में स्थित, यह पर्यटकों को नौकायन, वन्यजीवों को देखने, बांस की राफ्टिंग, ट्रेकिंग और बागान भ्रमण का आनंद लेने के अवसर प्रदान करता है। शांत पेरियार झील और समृद्ध जैव विविधता दुनिया भर के प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करती है। सुहावने मौसम, खूबसूरत नजारों और रोमांचक गतिविधियों के साथ, ठेक्कडी इको-टूरिज्म, वन्यजीव अन्वेषण और सांस्कृतिक अनुभव का एक परफेक्ट मिश्रण पेश करता है।

🕒 सुबह 6:00 बजे से शाम 6:00
💰 ₹15–₹50, बोट सफारी ₹255–₹500
पूरा दिन
🌤 अक्टूबर से मई
चिड़ियाघर
★★★★★ 4.1 (242 Reviews)

तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर भारत के सबसे पुराने चिड़ियाघरों में से एक है, जिसकी स्थापना 1857 में हुई थी। यह केरल की राजधानी के दिल में स्थित है और एक बड़े बोटैनिकल गार्डन परिसर का हिस्सा है। इस चिड़ियाघर में हरियाली से भरे वातावरण में कई तरह के जानवर, पक्षी और सरीसृप रहते हैं। इसे अच्छी तरह से बनाए गए पिंजड़ों और भारत में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में इसके ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।

🕒 सुबह 9:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक।
💰 ₹20–₹100
2 से 3 घंटे
🌤 अक्टूबर से फरवरी
कुल परिणाम: 2