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कुम्भलगढ़
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Home राजस्थान कुम्भलगढ़
किला एवं महल

कुम्भलगढ़

★★★★★ 4.0 (283 रिवीव)
📍 • कुम्भलगढ़• राजस्थान
📍 दिशा प्राप्त करें
🕒
खुलने का समय

9:00 बजे से शाम 6:00 बजे त

💰
प्रवेश शुल्क

₹₹40 प्रति व्यक्ति विदेशी पर्यटक: ₹600 प्रति व्यक्ति

🌤️
घूमने का सर्वोत्तम समय

अक्टूबर से मार्च

समय अवधि

2 से 3 घंटे

🅿️
पार्किंग

Available

👨‍👩‍👧‍👦
परिवार के लिए उपयुक्त

हाँ

कुम्भलगढ़

कुम्भलगढ़ किला भारत के सबसे भव्य पहाड़ी किलों में से एक है, जो राजस्थान के अरावली पहाड़ियों में स्थित है। इसे 15वीं सदी में राणा कुम्भा ने बनवाया था और यह अपनी विशाल रक्षा दीवार के लिए प्रसिद्ध है, जो 36 किलोमीटर से अधिक लंबी है और अक्सर इसे 'भारत की महान दीवार' कहा जाता है। यह किला यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है और यहां से शानदार नज़ारे, प्रभावशाली वास्तुकला, प्राचीन मंदिर, महल और समृद्ध राजपूत इतिहास देखा जा सकता है। इसे महाराणा प्रताप का जन्मस्थल भी माना जाता है।

कुम्भलगढ़ किला, राजस्थान की विशिष्ट अरावली पहाड़ियों में स्थित, राजपूत शक्ति और वास्तुशिल्प उत्कृष्टता का एक अद्भुत प्रतीक है। महाराणा कुम्भा द्वारा 15वीं सदी में निर्मित, यह किला अपनी विशाल सुरक्षात्मक दीवारों के लिए प्रसिद्ध है, जो 36 किलोमीटर से अधिक लंबी हैं, जिससे यह दुनिया की दूसरी सबसे लंबी सतत दीवार बन जाती है, चीन की महान दीवार के बाद। इस भव्य संरचना को मेवाड़ राज्य की रक्षा के लिए डिजाइन किया गया था और युद्ध के समय आश्रय के रूप में सेवा दी।

किला परिसर कई पहाड़ियों पर फैला हुआ है और इसमें कई महल, मंदिर और बगीचे शामिल हैं। इसके कई ऐतिहासिक खजानों में, कुम्भलगढ़ महाराणा प्रताप, भारत के महान योद्धाओं में से एक, के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध है। बादल महल, या 'पैलेस ऑफ क्लाउड्स', जो सबसे ऊंची बिंदु पर स्थित है, आसपास के परिदृश्य के आश्चर्यजनक दृश्य प्रस्तुत करता है।
किले के अंदर, आगंतुक 360 से अधिक मंदिरों की यात्रा कर सकते हैं, जिनमें जैन और हिन्दू दोनों शामिल हैं, जो क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं। वास्तुकला में विशाल द्वार, मोटी दीवारें और प्रहरी टावर शामिल हैं, जो उस समय की उन्नत सैन्य इंजीनियरिंग को उजागर करते हैं।

आसपास का कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य इस स्थान के आकर्षण को और बढ़ाता है, जहाँ पर्यटनकर्ताओं को चीते, भेड़िए और विभिन्न पक्षी प्रजातियों जैसी जंगल की जीव-जंतुओं को देखने का अवसर मिलता है। किला विशेष रूप से शाम के लाइट और साउंड शो के दौरान आकर्षक बन जाता है, जो इसके गौरवमय अतीत की कहानी कहता है।

कुंभलगढ़ किला सिर्फ एक ऐतिहासिक स्मारक नहीं है बल्कि राजस्थान की शाही विरासत की साहस, दृष्टि और कलात्मक उत्कृष्टता का प्रमाण है, जो इसे इतिहास प्रेमियों और यात्रियों दोनों के लिए अवश्य देखने योग्य स्थल बनाता है।

📜 इतिहास

कुंभलगढ़ किला राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक किलों में से एक है। इसका निर्माण 15वीं शताब्दी में मेवाड़ के महान शासक राणा कुंभा ने करवाया था। किले का निर्माण लगभग 1443 ईस्वी में शुरू हुआ और इसे पूरा होने में कई वर्ष लगे। अरावली की पहाड़ियों पर स्थित यह किला अपनी मजबूत दीवारों और सुरक्षित बनावट के कारण लगभग अजेय माना जाता था। कुंभलगढ़ का सबसे बड़ा ऐतिहासिक महत्व इस बात से भी जुड़ा है कि यहीं 1540 ईस्वी में वीर योद्धा महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था। उन्होंने अपने बचपन का कुछ समय इसी किले में बिताया और आगे चलकर मेवाड़ के सबसे महान शासकों में शामिल हुए।

इतिहास में कई बार जब चित्तौड़गढ़ पर दुश्मनों ने हमला किया, तब मेवाड़ का शाही परिवार सुरक्षा के लिए कुंभलगढ़ किले में आकर रहा। इसकी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के कारण लंबे समय तक कोई भी सेना इस किले पर कब्जा नहीं कर सकी। कहा जाता है कि केवल एक बार मुगल सम्राट अकबर की संयुक्त सेना, जिसमें आमेर, मारवाड़ और गुजरात के शासकों की सेनाएं भी शामिल थीं, इस किले पर कब्जा कर सकी। वह भी तब, जब किले में पानी की आपूर्ति समाप्त हो गई थी। आज कुंभलगढ़ किला राजपूत वीरता, शानदार स्थापत्य कला और मेवाड़ की गौरवशाली विरासत का जीवंत प्रतीक माना जाता है।

यहाँ क्यों जाएँ कुम्भलगढ़?

जानिए यह स्थान यात्रियों की पहली पसंद क्यों है।

कुम्भलगढ़
1

🍛 दाल बाटी चूरमा

दाल बाटी चूरमा राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक भोजन है। घी से सनी बाटी, मसालेदार दाल और मीठे चूरमे का स्वाद हर पर्यटक को पसंद आता है।

2

🍛 गट्टे की सब्ज़ी

यह बेसन से बने गट्टों को दही और मसालों की ग्रेवी में पकाकर तैयार की जाती है। इसे रोटी या चावल के साथ खाया जाता है।

3

🍛 लाल मांस

लाल मांस राजस्थान की मशहूर मसालेदार मटन करी है। इसे लाल मिर्च और पारंपरिक मसालों के साथ बनाया जाता है और यह नॉन-वेज खाने वालों की पसंदीदा डिश है।

4

🍛 केर सांगरी

केर सांगरी राजस्थान की पारंपरिक रेगिस्तानी सब्ज़ी है। इसे सूखी केर और सांगरी से तैयार किया जाता है और बाजरे की रोटी के साथ इसका स्वाद सबसे � च्छा लगता है।

🏰

किले का भ्रमण

भव्य किले या महल का भ्रमण करें और इसके ऐतिहासिक हिस्सों को देखें। शानदार वास्तुकला और समृद्ध विरासत का अनुभव करें।

📸

फोटोग्राफी

किले, महल और आसपास के सुंदर दृश्यों की यादगार तस्वीरें लें। स्मारक के नियमों का पालन करें और प्रतिबंधित क्षेत्रों का सम्मान करें।

🚶

विरासत भ्रमण

प्राचीन द्वारों, आंगनों और मार्गों से होकर विरासत भ्रमण करें। स्मारक से जुड़ी ऐतिहासिक कहानियों और विरासत को जानें।

📜

इतिहास जानें

राजाओं, राज्यों और ऐतिहासिक युद्धों के बारे में जानकारी प्राप्त करें। स्मारक के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को समझें।

🌄

दर्शनीय स्थल

किले के दर्शनीय स्थलों से मनमोहक प्राकृतिक दृश्य देखें। घाटियों, शहरों और पहाड़ों के शानदार नज़ारों का आनंद लें।

🎭

लाइट एवं साउंड शो देखें

लाइट एवं साउंड शो के माध्यम से इतिहास को जीवंत होते देखें। संगीत, प्रकाश और कथावाचन के साथ ऐतिहासिक घटनाओं का आनंद लें।

🏺

संग्रहालय भ्रमण

संग्रहालय में शाही वस्तुएँ, हथियार और ऐतिहासिक संग्रह देखें। प्राचीन जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानें।

🌇

सूर्यास्त देखें

किले या महल से मनमोहक सूर्यास्त का दृश्य देखें। यह समय फोटोग्राफी और सुकून भरे अनुभव के लिए आदर्श होता है।

🛍️

स्थानीय खरीदारी

स्थानीय बाजारों से हस्तशिल्प, स्मृति चिन्ह और पारंपरिक वस्तुएँ खरीदें। स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करते हुए यादगार वस्तुएँ साथ ले जाएँ।

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

यात्रा से पहले जानने योग्य बातें कुम्भलगढ़.

🌤

घूमने का सर्वोत्तम समय

अक्टूबर से मार्च

👕

क्या पहनें

आरामदायक कपड़े और चलने के जूते पहनें। सर्दियों की सुबह में हल्की जैकेट साथ ले जाएँ।.

📷

फोटोग्राफी

सूर्योदय और सूर्यास्त सुंदर तस्वीरों के लिए सबसे अच्छी रोशनी देते हैं।

🍴

स्थानीय भोजन

असली क्षेत्रीय खाने का मज़ा लेने के लिए पास के स्थानीय रेस्टोरेंट्स में जाकर देखो।

🛡️

सुरक्षा सुझाव

अपनी चीज़ें सुरक्षित रखें और अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय नियमों का पालन करें।

🚗

पहुंच सुविधा

यह स्थान सड़कों से पहुँच योग्य है और पास में पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएँ हैं।

💧

पानी साथ रखें

पानी पीते रहो, खासकर गर्मी में और बाहर घूमते समय।

📍

आसपास उपलब्ध सुविधाएँ

होटल, रेस्टोरंट, एटीएम, फ्यूल स्टेशन और मेडिकल सेवाएँ पास में उपलब्ध हैं।

यात्रा जानकारी

🚗

कैसे पहुँचें

  • 📍विमान द्वारा: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा महाराणा प्रताप हवाई अड्डा (~85 किमी) है।,
  • 📍रेल द्वारा: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन (~85 किमी) है।,
  • 📍सड़क द्वारा: उदयपुर से सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है (2–3 घंटे की ड्राइव)। टैक्सियाँ और बसें आसानी से उपलब्ध हैं।
💡

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

  • अक्टूबर और मार्च के बीच सुखद मौसम के लिए जाएँ,
  • चलने के लिए आरामदायक जूते पहनें,
  • पानी और सूर्य सुरक्षा साथ लें,
  • सबसे अच्छे दृश्य के लिए सुबह जल्दी या शाम को जाएँ,
  • प्रकाश और ध्वनि शो को मिस न करें

यहाँ क्यों जाएँ

  • अरावली पहाड़ियों के सांस से रोक देने वाले मनोरम दृश्यों का अनुभव करें,
  • 36 किमी लंबी किले की दीवार पर चलें,
  • प्राचीन मंदिरों और महलों की खोज करें,
  • महाराणा प्रताप के जन्मस्थान का साक्षात्कार करें,
  • शाम की मनमोहक लाइट और साउंड शो का आनंद लें

विशेषताएँ

  • दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार (~36 किमी),
  • किले के परिसर में 360 से अधिक मंदिर,
  • रक्षा के लिए रणनीतिक पहाड़ी पर निर्माण,
  • विशाल गेट और जटिल वास्तुकला,
  • पास में वन्यजीव अभयारण्य: कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य
गतिविधियाँ

क्या करें

36 किमी लंबे किले की दीवार का अन्वेषण करें
बादल महल का भ्रमण करें
महाराणा प्रताप का जन्मस्थान देखें
प्राचीन जैन और हिंदू मंदिरों का अन्वेषण करें
अरावली की पर्वतीय दृश्यों का आनंद लें
शाम को लाइट और साउंड शो में भाग लें
सूर्यास्त पर फोटोग्राफी करें 📸

वर्तमान मौसम

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👀 दृश्यता

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🌄 सूर्योदय --
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⭐ यात्रा विश्लेषण


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घूमने का सर्वोत्तम समय कुम्भलगढ़?

अक्टूबर से मार्च

खुलने का समय

9:00 बजे से शाम 6:00 बजे त

प्रवेश शुल्क

प्रवेश शुल्क ₹₹40 प्रति व्यक्ति विदेशी पर्यटक: ₹600 प्रति व्यक्ति है।

कितना समय लगता है?

2 से 3 घंटे

कैसे पहुँचें कुम्भलगढ़?

विमान द्वारा: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा महाराणा प्रताप हवाई अड्डा (~85 किमी) है।,
रेल द्वारा: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन (~85 किमी) है।,
सड़क द्वारा: उदयपुर से सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है (2–3 घंटे की ड्राइव)। टैक्सियाँ और बसें आसानी से उपलब्ध हैं।

लास्ट अपडेट: 05 July 2026