• जुनागढ़ • गुजरात
ट्रेकिंग स्थलगिरनार गुजरात के जूनागढ़ जिले में स्थित एक पवित्र पर्वत श्रृंखला है। इसे भारत के सबसे पुराने भूवैज्ञानिक संरचनाओं में से एक माना जाता है। इस पर्वत श्रृंखला में कई चोटियाँ हैं, जिनमें सबसे ऊँची लगभग 1,118 मीटर (3,668 फीट) समुद्र तल से ऊपर है। यह स्थल अपने धार्मिक, ऐतिहासिक और पारिस्थितिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
सदियों से गिरनार पूरे भारत से तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता रहा है। इस पर्वत पर कई हिंदू और जैन मंदिर हैं, जिनमें प्रसिद्ध जैन मंदिर परिसर शामिल है, जो भगवान नेमिनाथ, 22वें तीर्थंकर को समर्पित है। हिंदू भक्त यहाँ स्थित विभिन्न चोटियों पर माता अम्बाजी, गुरु दत्तात्रेय और गोरखनाथ के मंदिरों में दर्शन करने आते हैं। गिरनार की सबसे शानदार विशेषताओं में से एक है इसकी खड़ी सीढ़ियों वाला रास्ता, जिसमें 9,000 से ज्यादा सीढ़ियाँ हैं जो सबसे ऊँचे मंदिरों तक ले जाती हैं। चढ़ाई शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण है, लेकिन यात्रियों को जूनागढ़ शहर, आसपास की पहाड़ियों और जंगलों के अद्भुत दृश्य देखने का मौका देती है। हाल के वर्षों में, गिरनार रोपवे ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए पहुँच आसान कर दी है, जिससे ऊँचाई से शानदार नज़ारे देखने को मिलते हैं।
यह पहाड़ गिरनार वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के अंदर है, जो विभिन्न प्रकार के पौधों और जीव-जंतुओं का घर है, जिसमें तेंदुए, लकड़बिगड़, सियार और कई पक्षी प्रजातियाँ शामिल हैं। प्रकृति प्रेमी और फ़ोटोग्राफ़र अक्सर अपनी संपन्न जैव विविधता के कारण सैंक्चुअरी का दौरा करते हैं।
गिरनार पर महा शिवरात्रि के त्योहार के दौरान प्रसिद्ध भावनाथ मेला भी लगता है, जो हजारों भक्तों और साधुओं को आकर्षित करता है। आध्यात्म, साहसिक अनुभव, विरासत और प्राकृतिक सुंदरता का मेल गिरनार को गुजरात के सबसे शानदार पर्यटन स्थलों में से एक बनाता है।
चाहे यात्री धार्मिक तृप्ति, ऐतिहासिक खोज, ट्रेकिंग की चुनौती या मनोहारी नज़ारों की तलाश में हों, गिरनार एक यादगार अनुभव देता है जो संस्कृति और प्रकृति को एक अनोखे तरीके से मिलाता है।
What is the best time to visit?
अक्टूबर से मार्च
What is the entry fee?
₹ No entry fee