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तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर
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Home केरल तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर
चिड़ियाघर

तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर

★★★★★ 4.1 (242 रिवीव)
📍 • तिरुवनंतपुरम• केरल
📍 दिशा प्राप्त करें
🕒
खुलने का समय

सुबह 9:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक।

💰
प्रवेश शुल्क

₹₹20–₹100

🌤️
घूमने का सर्वोत्तम समय

अक्टूबर से फरवरी

समय अवधि

2 से 3 घंटे

🅿️
पार्किंग

Available

👨‍👩‍👧‍👦
परिवार के लिए उपयुक्त

हाँ

तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर

तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर भारत के सबसे पुराने चिड़ियाघरों में से एक है, जिसकी स्थापना 1857 में हुई थी। यह केरल की राजधानी के दिल में स्थित है और एक बड़े बोटैनिकल गार्डन परिसर का हिस्सा है। इस चिड़ियाघर में हरियाली से भरे वातावरण में कई तरह के जानवर, पक्षी और सरीसृप रहते हैं। इसे अच्छी तरह से बनाए गए पिंजड़ों और भारत में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में इसके ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।

तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर भारत के सबसे पुराने और अच्छी तरह से देखभाल किए गए चिड़ियाघरों में से एक है, जिसे 1857 में त्रावणकोर राज्य के शासनकाल के दौरान स्थापित किया गया था। केरल की राजधानी के सांस्कृतिक दिल में स्थित, यह हरियाली से घिरा हुआ है और इसके परिसर में प्रसिद्ध नेपियर म्यूज़ियम भी है, जिससे यह इतिहास, प्रकृति और शिक्षा का एक बेहतरीन मिश्रण बनता है। चिड़ियाघर एक खूबसूरती से सजे हुए क्षेत्र में फैला हुआ है, जो एक आम शहरी चिड़ियाघर की तुलना में जंगल के अभयारण्य जैसा महसूस होता है।

चिड़ियाघर में विभिन्न प्रकार के जानवर पाए जाते हैं, जिनमें एशियाई शेर, शाही बंगाल टाइगर्स, हाथी, जिराफ, हिप्पो, हिरण की प्रजातियाँ और कई विदेशी पक्षी और सरीसृप शामिल हैं। इसकी एक खास बात यह है कि यह प्राकृतिक आवासों पर जोर देता है, जहां जानवरों को उनके मूल पर्यावरण की तरह डिज़ाइन किए गए विशाल और इको-फ्रेंडली एन्क्लोज़र में रखा जाता है। इससे अनुभव अधिक वास्तविक और पारंपरिक चिड़ियाघर की तुलना में कम कृत्रिम लगता है।
पर्यटक ऊँचे पेड़ों की छाया वाली शांतिपूर्ण पैदल रास्तों का आनंद ले सकते हैं, जो दिन के समय की यात्राओं के दौरान भी आरामदायक हैं। रैप्टाइल हाउस और लॉयन-टेल्ड मैकाक के एंक्लोज़र विशेष रूप से वन्य जीवन प्रेमियों के बीच लोकप्रिय हैं। पूरे पार्क में लगे शैक्षिक बोर्ड पर्यटकों को जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों के बारे में जानकारी देने में मदद करते हैं।

यह चिड़ियाघर खासकर परिवारों, छात्रों और उन पर्यटकों के लिए उपयुक्त है जो एक शांत लेकिन जानकारीपूर्ण आउटिंग चाहते हैं। इसका केंद्रीय स्थान पूरे शहर से आसान पहुँच सुनिश्चित करता है। पास में नैपियर म्यूज़ियम और बोटैनिकल गार्डन्स जैसे आकर्षणों के साथ मिलकर यह पूरे दिन की सैर के लिए एक शानदार अनुभव प्रदान करता है।

कुल मिलाकर, तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर केवल एक पर्यटक आकर्षण नहीं है बल्कि यह वन्य जीवन जागरूकता और संरक्षण शिक्षा का भी केंद्र है, जिससे यह केरल का एक ज़रूर जाने योग्य स्थल बन जाता है।

📜 इतिहास

थिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर भारत के सबसे पुराने और प्रसिद्ध चिड़ियाघरों में से एक है। इसकी स्थापना 1859 में त्रावणकोर के महाराजा के शासनकाल में की गई थी। इससे पहले 1857 में यहाँ एक संग्रहालय बनाया गया था, लेकिन केवल संग्रहालय लोगों को अधिक आकर्षित नहीं कर पा रहा था। इसलिए जनता के मनोरंजन और शिक्षा के उद्देश्य से संग्रहालय के साथ एक चिड़ियाघर और सार्वजनिक उद्यान विकसित किया गया। शुरुआती दिनों में यहाँ भारत और विदेशों से लाए गए कई जंगली जानवर रखे जाते थे। उस समय जानवरों को पिंजरों में प्रदर्शित करना राजसी शान और ज्ञान का प्रतीक माना जाता था। समय के साथ चिड़ियाघर की सोच और उद्देश्य बदल गए। अब इसका मुख्य लक्ष्य वन्यजीव संरक्षण, पशु कल्याण, पर्यावरण शिक्षा और वैज्ञानिक प्रबंधन बन गया।

बीसवीं सदी के अंतिम वर्षों में यहाँ बड़े स्तर पर आधुनिकीकरण किया गया। पुराने लोहे के पिंजरों की जगह खुले और प्राकृतिक वातावरण जैसे बड़े-बड़े बाड़े बनाए गए, जिससे जानवरों को बेहतर जीवन मिला और पर्यटकों को भी उन्हें प्राकृतिक माहौल में देखने का अवसर मिला। आज थिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर केवल घूमने की जगह नहीं है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है। हर साल हजारों विद्यार्थी, शोधकर्ता और पर्यटक यहाँ आकर प्रकृति और वन्यजीवों के बारे में सीखते हैं।

यहाँ क्यों जाएँ तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर?

जानिए यह स्थान यात्रियों की पहली पसंद क्यों है।

तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर
1

🍛 केरल सद्या

केरल सद्या राज्य का सबसे पारंपरिक भोजन है। इसे केले के पत्ते पर परोसा जाता है। इसमें चावल, सांभर, � वियल, थोरन, ओलन, पचड़ी, � चार, पापड़ और पायसम जैसे कई व्यंजन शामिल होते हैं। यह भोजन केरल की � सली स्वाद और संस्कृति को दर्शाता है।

2

🍛 �

प्पम और वेजिटेबल स्ट्यू नरम और हल्के � प्पम को नारियल के दूध से बने हल्के मसालेदार वेजिटेबल स्ट्यू के साथ परोसा जाता है। यह नाश्ते के लिए बेहद लोकप्रिय और स्वादिष्ट व्यंजन है।

3

🍛 मलाबार परोट्टा और केरल करी

परतदार मलाबार परोट्टा को मसालेदार वेजिटेबल करी या मशरूम करी के साथ खाया जाता है। यह स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों की पसंदीदा डिश है।

4

🍛 पालाडा पायसम

पालाडा पायसम केरल की प्रसिद्ध मिठाई है। इसे चावल की पतली परतों, दूध और चीनी से बनाया जाता है। इसका स्वाद बेहद मलाईदार और हल्का मीठा होता है, इसलिए यह त्योहारों और खास � वसरों पर जरूर बनाया जाता है।

🦁

जानवरों को देखना

विभिन्न प्रकार के जानवरों को सुरक्षित और प्राकृतिक वातावरण में देखें। वन्यजीवों के बारे में जानें और चिड़ियाघर के नियमों का पालन करें।

📸

फोटोग्राफी

जानवरों, पक्षियों और सुंदर चिड़ियाघर के दृश्यों की यादगार तस्वीरें लें। फोटोग्राफी करते समय जानवरों को परेशान न करें और नियमों का पालन करें।

🎓

शैक्षिक भ्रमण

वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के बारे में जानकारी प्राप्त करें। विभिन्न पशु-पक्षियों और उनके आवासों के बारे में रोचक तथ्य जानें।

👨‍👩‍👧‍👦

परिवार के साथ घूमना

परिवार के साथ चिड़ियाघर घूमते हुए आनंददायक और ज्ञानवर्धक समय बिताएँ। यह सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयुक्त मनोरंजक अनुभव है।

🧒

बच्चों की गतिविधियाँ

बच्चे खेल, सीखने की गतिविधियों और इंटरैक्टिव क्षेत्रों का आनंद ले सकते हैं। मनोरंजन के साथ वन्यजीवों के बारे में नई जानकारी प्राप्त करें।

🦜

पक्षी अवलोकन

विभिन्न रंग-बिरंगे और दुर्लभ पक्षियों का शांतिपूर्वक अवलोकन करें। बेहतर अनुभव के लिए दूरबीन साथ रखें और पक्षियों को परेशान न करें।

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

यात्रा से पहले जानने योग्य बातें तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर.

🌤

घूमने का सर्वोत्तम समय

अक्टूबर से फरवरी

👕

क्या पहनें

आरामदायक कपड़े और चलने के जूते पहनें। सर्दियों की सुबह में हल्की जैकेट साथ ले जाएँ।.

📷

फोटोग्राफी

सूर्योदय और सूर्यास्त सुंदर तस्वीरों के लिए सबसे अच्छी रोशनी देते हैं।

🍴

स्थानीय भोजन

असली क्षेत्रीय खाने का मज़ा लेने के लिए पास के स्थानीय रेस्टोरेंट्स में जाकर देखो।

🛡️

सुरक्षा सुझाव

अपनी चीज़ें सुरक्षित रखें और अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय नियमों का पालन करें।

🚗

पहुंच सुविधा

यह स्थान सड़कों से पहुँच योग्य है और पास में पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएँ हैं।

💧

पानी साथ रखें

पानी पीते रहो, खासकर गर्मी में और बाहर घूमते समय।

📍

आसपास उपलब्ध सुविधाएँ

होटल, रेस्टोरंट, एटीएम, फ्यूल स्टेशन और मेडिकल सेवाएँ पास में उपलब्ध हैं।

यात्रा जानकारी

🚗

कैसे पहुँचें

  • 📍हवाई मार्ग द्वारा:-सबसे नजदीकी हवाई अड्डा तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (~4 किमी) है। टैक्सी या ऑटो से आसानी से पहुंचा जा सकता है।,
  • 📍रेल मार्ग द्वारा:-सबसे नजदीकी स्टेशन तिरुवनंतपुरम सेंट्रल रेलवे स्टेशन (~2 किमी) है।,
  • 📍सड़क मार्ग द्वारा:-तिरुवनंतपुरम के भीतर बसों और टैक्सियों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।
  • 📍स्थानीय ऑटो और टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं।
💡

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

  • ✔️ यात्रा का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च (सुखद मौसम)।,
  • ✔️ सुबह जल्दी जाएँ: जानवर अधिक सक्रिय होते हैं।,
  • ✔️ पानी और टोपी साथ लें: चलने का क्षेत्र बड़ा है।,
  • ✔️ आरामदायक जूते पहनें: चिड़ियाघर में बहुत चलना पड़ता है।,
  • ✔️ नियमों का पालन करें: जानवरों को खाना न दें और कूड़ा न फैलाएँ।,
  • ✔️ यात्रा को संयोजित करें: एक ही परिसर में पास के संग्रहालय और पार्क भी देखें।

यहाँ क्यों जाएँ

  • 🐘 भारत के सबसे पुराने चिड़ियाघरों में से एक (स्थापित 1857 में)।,
  • 🦁 शेर बाघ हाथी और सरीसृप सहित विभिन्न प्रकार के जानवरों का घर।,
  • 🌿 एक हरे-भरे जंगल जैसी कैंपस के अंदर स्थित प्राकृतिक आवास का अनुभव देता है,
  • 🐦 पक्षी देखने और फोटोग्राफी के लिए शानदार स्थान।,
  • 👨‍👩‍👧‍👦 परिवारों बच्चों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आदर्श।

विशेषताएँ

  • 🌳 प्राकृतिक आवास डिजाइन: जानवरों को पिंजरे के बजाय खुले ऐनक्लोजर में रखा जाता है।,
  • 🦓 विविध वन्यजीवन: इसमें स्तनधारी सरीसृप और विदेशी पक्षी शामिल हैं।,
  • 🏞️ निकटवर्ती बोटैनिकल गार्डन: एक बड़े ईको-टूरिज्म परिसर का हिस्सा।,
  • 📸 फोटोग्राफी के लिए अनुकूल: सुंदर लैंडस्केपिंग और छायादार रास्ते।,
  • 🎓 शैक्षिक मूल्य: वन्यजीवन संरक्षण के बारे में सीखने के लिए बेहतरीन।
गतिविधियाँ

क्या करें

✔️ जानवर और पक्षी देखना: डिजाइन किए गए एंटीक्चर में स्तनधारियों और बड़े बिल्लियों & सरीसृप और पक्षियों का अवलोकन करें।
✔️ बोटैनिकल गार्डन वॉक: हरे-भरे परिदृश्य और पौधों के संग्रह का अन्वेषण करें।
✔️ फोटोग्राफी: प्रकृति और वन्यजीवन फोटोग्राफी के लिए उत्तम (कैमरा शुल्क लागू)।
✔️ पिकनिक क्षेत्र: परिवार और बच्चों की यात्राओं के लिए आदर्श स्थान।
✔️ सीखें और खोजें: पार्क में शैक्षिक बोर्ड और संरक्षण संदेश।

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अक्सर पूछे जाने वाले

घूमने का सर्वोत्तम समय तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर?

अक्टूबर से फरवरी

खुलने का समय

सुबह 9:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक।

प्रवेश शुल्क

प्रवेश शुल्क ₹₹20–₹100 है।

कितना समय लगता है?

2 से 3 घंटे

कैसे पहुँचें तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर?

हवाई मार्ग द्वारा:-सबसे नजदीकी हवाई अड्डा तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (~4 किमी) है। टैक्सी या ऑटो से आसानी से पहुंचा जा सकता है।,
रेल मार्ग द्वारा:-सबसे नजदीकी स्टेशन तिरुवनंतपुरम सेंट्रल रेलवे स्टेशन (~2 किमी) है।,
सड़क मार्ग द्वारा:-तिरुवनंतपुरम के भीतर बसों और टैक्सियों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।
स्थानीय ऑटो और टैक्सी आसानी से उपलब्ध हैं।

लास्ट अपडेट: 04 July 2026