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पुष्कर झील
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झील

पुष्कर झील

★★★★★ 4.0 (171 रिवीव)
📍 पुष्कर• अजमेर• राजस्थान
📍 दिशा प्राप्त करें
🕒
खुलने का समय

24 घंटे खुला रहता है

💰
प्रवेश शुल्क

₹कोई शुल्क नहीं

🌤️
घूमने का सर्वोत्तम समय

सांस्कृतिक अनुभव के लिए पुष्कर मेले (अक्टूबर–नवंबर) के दौरान।

समय अवधि

1 से 2 घंटे

🅿️
पार्किंग

Available

👨‍👩‍👧‍👦
परिवार के लिए उपयुक्त

हाँ

पुष्कर झील

पुष्कर झील, जो राजस्थान के पवित्र शहर पुष्कर में स्थित है, भारत की सबसे पूजनीय तीर्थ स्थलों में से एक है। यह 52 घाटों और सैकड़ों मंदिरों से घिरी हुई है और माना जाता है कि इसे भगवान ब्रह्मा ने बनाया था। हिंदुओं के लिए इस झील का बहुत आध्यात्मिक महत्व है, जो यहां पाप धोने के लिए धार्मिक स्नान करते हैं। इसकी शांत पानी, सुनहरा रेगिस्तान का बैकग्राउंड और जीवंत धार्मिक माहौल इसे एक आध्यात्मिक और खूबसूरत जगह बनाते हैं, जो साल भर तीर्थयात्रियों, फोटोग्राफर्स और यात्रियों को आकर्षित करती है।

पुष्कर झील, जो पुष्कर के केंद्र में स्थित है, भारत की सबसे पवित्र और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण झीलों में से एक है। हिंदू मिथकों के अनुसार, यह झील तब बनी जब भगवान ब्रह्मा के हाथ से एक कमल का फूल गिरा, जिससे यह एक दिव्य निर्माण बन गई। इस आध्यात्मिक विश्वास ने सदियों से पुष्कर को हिंदुओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में से एक बना दिया है।

झील के चारों ओर 52 घाट और 400 से अधिक मंदिर हैं, जो इसकी पवित्रता और सांस्कृतिक महत्व को बढ़ाते हैं। पूरे भारत और दुनिया से तीर्थयात्री यहाँ पहुंचते हैं ताकि इसकी पवित्र जल में स्नान कर सकें, खासकर कार्तिक पूर्णिमा के दौरान, यह मानते हुए कि इससे पाप धो जाते हैं और मुक्ति मिलती है। झील के आसपास का माहौल मन्त्रोच्चारण, अनुष्ठान, घंटियों और धूप के सुगंध से भरा रहता है, जो एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है।
धार्मिक महत्व के अलावा, पुष्कर झील अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी जानी जाती है। थार के सुनहरे रेगिस्तान और अरावली की पहाड़ियों के बीच बसी इस झील से सुरम्य सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य दिखाई देते हैं। शांत पानी में मंदिरों और घाटों का प्रतिबिंब एक तस्वीर जैसी खूबसूरत दृश्य बनाता है जो फोटोग्राफरों और यात्रियों के लिए बेहद आकर्षक है।

झील के पास होने वाले सबसे जीवंत आयोजनों में से एक पुष्कर ऊंट मेला है, जो हर साल हजारों दर्शकों को आकर्षित करता है। यह सांस्कृतिक उत्सव राजस्थान की परंपराओं, लोक संगीत, नृत्य और पशु व्यापार को प्रदर्शित करता है, जिससे पूरा क्षेत्र जीवंत और रंगीन बन जाता है।यात्री घाटों पर शांतिपूर्ण सैर का आनंद भी ले सकते हैं, शाम की आरती में शामिल हो सकते हैं, और पास के मंदिरों को देख सकते हैं जैसे कि प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर। झील का शांत वातावरण इसे ध्यान और आध्यात्मिक विश्राम के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है।

कुल मिलाकर, पुष्कर झील केवल धार्मिक स्थल नहीं है बल्कि यह पौराणिक कथाओं, संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और जीवंत परंपराओं का मिश्रण है, जो इसे राजस्थान में जरूर घूमने योग्य जगह बनाता है।

📜 इतिहास

पुष्कर झील का इतिहास आस्था, पौराणिक कथाओं और सदियों पुरानी परंपराओं से जुड़ा हुआ है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान ब्रह्मा यज्ञ करने के लिए एक पवित्र स्थान की खोज कर रहे थे, तब उनके हाथ से कमल का फूल (पुष्प) धरती पर गिरा। कमल की तीन पंखुड़ियाँ अलग-अलग स्थानों पर गिरीं और वहाँ से जलधाराएँ फूट पड़ीं। इन्हीं में से सबसे प्रमुख स्थान पर बनी झील को आज पुष्कर झील कहा जाता है। इसी कारण यह झील हिंदुओं के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में गिनी जाती है। इतिहासकारों के अनुसार, पुष्कर लगभग 2,000 वर्षों से धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। यहाँ मिले प्राचीन शिलालेख बताते हैं कि राजपूत, चौहान, मुगल और मराठा शासकों ने समय-समय पर झील के घाटों और मंदिरों का निर्माण तथा जीर्णोद्धार कराया। आज झील के चारों ओर लगभग 52 घाट बने हुए हैं, जहाँ श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना करते हैं। विशेष रूप से कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहाँ लाखों भक्त पवित्र स्नान करने आते हैं। मुगल काल में सम्राट औरंगज़ेब के शासन के दौरान क्षेत्र के कई मंदिरों को नुकसान पहुँचाया गया था, लेकिन बाद में राजपूत शासकों और स्थानीय लोगों ने उनका पुनर्निर्माण कराया। आज भी पुष्कर झील श्रद्धा, शांति और आध्यात्मिक विश्वास का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि यहाँ स्नान करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

यहाँ क्यों जाएँ पुष्कर झील?

जानिए यह स्थान यात्रियों की पहली पसंद क्यों है।

पुष्कर झील
1

🍛 मालपुआ

पुष्कर का मालपुआ पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध है। इसे मैदा, दूध और चीनी की चाशनी से बनाया जाता है। बाहर से हल्का कुरकुरा और � ंदर से नरम यह मिठाई यहाँ आने वाले हर पर्यटक को जरूर चखनी चाहिए।

2

🍛 दाल बाटी चूरमा

दाल, घी में डूबी बाटी और मीठा चूरमा राजस्थान की पहचान है। यदि आप स्थानीय भोजन का � सली स्वाद लेना चाहते हैं, तो यह व्यंजन जरूर आज़माएँ।

3

🍛 कचौरी

मसालेदार दाल या प्याज़ की भरावन वाली कचौरी यहाँ का लोकप्रिय नाश्ता है। इसे चटनी के साथ गर्मागर्म परोसा जाता है और इसका स्वाद बेहद लाजवाब होता है।

4

🍛 रबड़ी

रबड़ी को दूध को धीमी आँच पर गाढ़ा करके तैयार किया जाता है। इलायची और मेवों से सजी यह मिठाई स्वाद और खुशबू दोनों में बेहतरीन होती है।

5

🍛 लस्सी

घूमने के बाद ठंडी और गाढ़ी लस्सी पीना एक � लग ही आनंद देता है। ताज़े दही और मलाई से बनी यह लस्सी गर्म मौसम में शरीर को ठंडक पहुँचाती है और स्वाद भी शानदार होता है।

🚣

नौकायन

शांत झील में नौकायन का आनंद लेते हुए प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करें। हमेशा लाइफ जैकेट पहनें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

🛶

कयाकिंग

शांत झील में कयाकिंग करते हुए सुंदर प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लें। यह रोमांच और सुकून दोनों का बेहतरीन अनुभव प्रदान करता है।

📸

फोटोग्राफी

झील, प्राकृतिक दृश्यों और वन्यजीवों की मनमोहक तस्वीरें लें। सूर्योदय और सूर्यास्त फोटोग्राफी के लिए सबसे उपयुक्त समय हैं।

🧺

पिकनिक

परिवार और मित्रों के साथ झील के किनारे पिकनिक का आनंद लें। पर्यावरण को स्वच्छ रखें और कचरा निर्धारित स्थान पर डालें।

🎣

मछली पकड़ना (जहाँ अनुमति हो)

जहाँ अनुमति हो वहाँ मछली पकड़ने का आनंद लें। स्थानीय नियमों का पालन करें और जिम्मेदारी से मछली पकड़ें।

🦜

पक्षी दर्शन

झील के आसपास प्रवासी और स्थानीय पक्षियों का अवलोकन करें। बेहतर अनुभव के लिए दूरबीन साथ रखें।

🚴

साइकिलिंग

झील के किनारे बने सुंदर मार्गों पर साइकिलिंग करें। ताज़ी हवा और प्राकृतिक वातावरण का भरपूर आनंद लें।

🌇

सूर्यास्त देखना

झील के शांत जल पर पड़ती सूर्यास्त की सुनहरी छटा का आनंद लें। यह समय आराम और फोटोग्राफी के लिए आदर्श होता है।

🚶

प्राकृतिक सैर

झील के किनारे प्राकृतिक वातावरण में सैर करें। शांत वातावरण और सुंदर दृश्यों का आनंद लेते हुए समय बिताएँ।

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

यात्रा से पहले जानने योग्य बातें पुष्कर झील.

🌤

घूमने का सर्वोत्तम समय

सांस्कृतिक अनुभव के लिए पुष्कर मेले (अक्टूबर–नवंबर) के दौरान।

👕

क्या पहनें

आरामदायक कपड़े और चलने के जूते पहनें। सर्दियों की सुबह में हल्की जैकेट साथ ले जाएँ।.

📷

फोटोग्राफी

सूर्योदय और सूर्यास्त सुंदर तस्वीरों के लिए सबसे अच्छी रोशनी देते हैं।

🍴

स्थानीय भोजन

असली क्षेत्रीय खाने का मज़ा लेने के लिए पास के स्थानीय रेस्टोरेंट्स में जाकर देखो।

🛡️

सुरक्षा सुझाव

अपनी चीज़ें सुरक्षित रखें और अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय नियमों का पालन करें।

🚗

पहुंच सुविधा

यह स्थान सड़कों से पहुँच योग्य है और पास में पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएँ हैं।

💧

पानी साथ रखें

पानी पीते रहो, खासकर गर्मी में और बाहर घूमते समय।

📍

आसपास उपलब्ध सुविधाएँ

होटल, रेस्टोरंट, एटीएम, फ्यूल स्टेशन और मेडिकल सेवाएँ पास में उपलब्ध हैं।

यात्रा जानकारी

🚗

कैसे पहुँचें

  • 📍हवाई मार्ग से:-सबसे नजदीकी हवाई अड्डा: जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (≈150 किमी) वहाँ से टैक्सी किराए पर लें या बस लें।,
  • 📍रेल मार्ग से:- सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन: अजमेर जंक्शन रेलवे स्टेशन (≈15 किमी) ऑटो/टैक्सी और बसें आसानी से उपलब्ध हैं।,
  • 📍सड़क मार्ग से: - जयपुर अजमेर दिल्ली से सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। नियमित बसें और निजी टैक्सी उपलब्ध हैं।
💡

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

  • 🧴 सभ्य कपड़े पहनें (धार्मिक स्थल),
  • 🚫 जहां प्रतिबंधित हो घाटों पर फोटो लेने से बचें,
  • 💰 पैसे मांगने वाले नकली पुजारी से सावधान रहें,
  • 🌅 सर्वोत्तम अनुभव के लिए सुबह जल्दी या सूर्यास्त के समय यात्रा करें,
  • 🦶 घाटों के पास जूते उतारें,
  • 💧 पानी साथ ले जाएं खासकर गर्मियों में (बहुत गर्म)

यहाँ क्यों जाएँ

  • आध्यात्मिक शुद्धि – ऐसा माना जाता है कि डुबकी से पाप धो जाते हैं ,
  • पास ही भगवान ब्रह्मा को समर्पित कुछ ही मंदिरों में से एक ,
  • शांत वातावरण और मनोरम घाट ,
  • सांस्कृतिक समृद्धि और पारंपरिक माहौल ,
  • पुष्कर ऊँट मेले के दौरान प्रसिद्ध

विशेषताएँ

  • 52 स्नान घाट प्रत्येक का धार्मिक महत्व है,
  • 'पिंड दान' और संध्या आरती जैसे पवित्र अनुष्ठान,
  • मंदिरों और संकरी धार्मिक गलियों से घिरा हुआ,
  • पवित्र जल जिसे उपचारात्मक गुणों वाला माना जाता है,
  • हाथ के बने सामान कपड़े और स्मृति चिन्ह बेचने वाले जीवंत बाजार
गतिविधियाँ

क्या करें

✔️ घाटों पर पवित्र स्नान करें
✔️ शाम की आरती में शामिल हों
✔️ ब्रह्मा मंदिर का दौरा करें
✔️ सूर्योदय और सूर्यास्त की फोटोग्राफी का आनंद लें
✔️ पुष्कर के स्थानीय बाजारों की सैर करें
✔️ पुष्कर ऊँट मेला का अनुभव करें
✔️ झील के दृश्य वाले रूफटॉप कैफे आज़माएं

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अक्सर पूछे जाने वाले

घूमने का सर्वोत्तम समय पुष्कर झील?

सांस्कृतिक अनुभव के लिए पुष्कर मेले (अक्टूबर–नवंबर) के दौरान।

खुलने का समय

24 घंटे खुला रहता है

प्रवेश शुल्क

प्रवेश शुल्क ₹कोई शुल्क नहीं है।

कितना समय लगता है?

1 से 2 घंटे

कैसे पहुँचें पुष्कर झील?

हवाई मार्ग से:-सबसे नजदीकी हवाई अड्डा: जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (≈150 किमी) वहाँ से टैक्सी किराए पर लें या बस लें।,
रेल मार्ग से:- सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन: अजमेर जंक्शन रेलवे स्टेशन (≈15 किमी) ऑटो/टैक्सी और बसें आसानी से उपलब्ध हैं।,
सड़क मार्ग से: - जयपुर अजमेर दिल्ली से सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। नियमित बसें और निजी टैक्सी उपलब्ध हैं।

लास्ट अपडेट: 05 July 2026