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ओखला बर्ड सैंक्चुअरी
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ओखला बर्ड सैंक्चुअरी
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Home उत्तर प्रदेश ओखला बर्ड सैंक्चुअरी
वन्यजीव अभयारण्य

ओखला बर्ड सैंक्चुअरी

★★★★★ 4.2 (310 रिवीव)
📍 नोएडा• गौतम बुद्ध नगर• उत्तर प्रदेश
📍 दिशा प्राप्त करें
🕒
खुलने का समय

7:30 बजे से शाम 5:00

💰
प्रवेश शुल्क

₹भारतीय पर्यटक: ₹30 प्रति व्यक्ति विदेशी पर्यटक: ₹350 प्रति व्यक्ति कैमरा ले जाने पर अलग शुल्क लिया ज

🌤️
घूमने का सर्वोत्तम समय

समय अवधि

2 से 3 घंटे

🅿️
पार्किंग

Available

👨‍👩‍👧‍👦
परिवार के लिए उपयुक्त

हाँ

ओखला बर्ड सैंक्चुअरी

ओखला बर्ड सेंक्चुअरी एक शांत湿भूमि है जो यमुना नदी के किनारे स्थित है, नोएडा और दिल्ली की सीमा पर। यह पक्षी प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग है, जो 300 से अधिक पक्षियों की प्रजातियों का घर है, जिनमें यूरोप और मध्य एशिया से आये प्रवासी पक्षी भी शामिल हैं। सेंक्चुअरी ओखला बैराज के आसपास बनी है और शहर की आवाज से एक शांतिपूर्ण विश्राम प्रदान करती है।ओखला बर्ड सैंक्चुअरी प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और पक्षी देखनिहारों के लिए एक आदर्श गंतव्य है। दिल्ली और नोएडा के निकट होने के कारण यह एक आसान और ताजगी भरी छुट्टी का स्थान है, खासकर सर्दियों में जब प्रवासी पक्षी आते हैं।

ओखला बर्ड सैंक्चुअरी उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण शहरी जलीय पारिस्थितिक तंत्रों में से एक है, जो दिल्ली और नोएडा की सीमा पर यमुना नदी के किनारे स्थित है। इसे 1990 में एक बर्ड सैंक्चुअरी घोषित किया गया था ताकि इसकी समृद्ध जैव विविधता की रक्षा की जा सके और प्रवासी और आवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित निवास स्थान प्रदान किया जा सके। सैंक्चुअरी एक बड़े मैदानी क्षेत्र में फैली हुई है, जिसमें उथले जलाशय, दलदल और घास के मैदान शामिल हैं जो विभिन्न प्रकार के वनस्पति और जीव-जंतु को सहारा देते हैं।

इस सैंक्चुअरी में 300 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिससे यह बर्डवॉचर और वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए एक प्रमुख आकर्षण स्थल बन जाता है। सर्दियों के मौसम में, यह और भी जीवंत हो जाता है क्योंकि दूर-दराज़ के क्षेत्रों जैसे सिबेरिया, यूरोप और मध्य एशिया से प्रवासी पक्षी आते हैं। यहाँ आमतौर पर पेंटेड स्‍टॉर्क, किंगफिशर, हेरन, कॉर्मोरेन्ट और विभिन्न बत्तखें देखी जा सकती हैं।
पक्षियों के अलावा, अभयारण्य में मछलियाँ, उभयचर, सरीसृप और जल पौधे भी पाए जाते हैं, जो एक संतुलित जलभूमि पारिस्थितिकी तंत्र बनाते हैं। निरीक्षण टावर और पैदल मार्ग आगंतुकों को वन्य जीवों को परेशान किए बिना प्रकृति का निकट से अनुभव करने का अवसर देते हैं। यह पर्यावरण शिक्षा और शोध के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थल है।

दिल्ली एनसीआर के पास होने के कारण यह प्रकृति प्रेमियों, छात्रों और शहरी जीवन की हलचल से दूर शांति खोजने वाले फ़ोटोग्राफ़रों के लिए एक आदर्श सप्ताहांत गंतव्य है। अक्टूबर से मार्च का समय यहाँ जाने के लिए सबसे अच्छा है जब प्रवासी पक्षी सबसे सक्रिय होते हैं।

ओखला बर्ड सैंक्चुअरी न केवल प्राकृतिक सुंदरता पेश करता है बल्कि तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में जलभूमियों के संरक्षण के महत्व को भी उजागर करता है।

📜 इतिहास

ओखला बर्ड सैंक्चुअरी का इतिहास काफी पुराना है। इसकी शुरुआत वर्ष 1874 में हुई, जब अंग्रेजों ने यमुना नदी पर ओखला बैराज का निर्माण कराया। इस बैराज का मुख्य उद्देश्य आगरा नहर के लिए पानी का नियंत्रण करना था। समय के साथ बैराज के आसपास एक विशाल आर्द्रभूमि (वेटलैंड) बन गई, जहाँ पानी, घास और पेड़ों की वजह से पक्षियों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार हो गया। धीरे-धीरे यह स्थान देश-विदेश के हजारों पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना बन गया। इसकी बढ़ती प्राकृतिक महत्ता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 1990 में इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आधिकारिक रूप से पक्षी अभयारण्य घोषित किया। इसके बाद यहाँ पक्षियों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कई संरक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए।

हर साल सर्दियों के मौसम में साइबेरिया, मंगोलिया और मध्य एशिया जैसे ठंडे देशों से हजारों प्रवासी पक्षी यहाँ आते हैं। हालांकि समय-समय पर बढ़ते शहरीकरण, प्रदूषण और निर्माण कार्यों को लेकर इस क्षेत्र पर खतरे भी मंडराते रहे हैं। पर्यावरण प्रेमियों और वन विभाग के प्रयासों से इस प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने की लगातार कोशिश की जा रही है। आज ओखला बर्ड सैंक्चुअरी केवल पक्षियों का घर ही नहीं, बल्कि यह इस बात का भी शानदार उदाहरण है कि यदि प्रकृति को संरक्षण मिले, तो वह किसी भी स्थान को जीवंत और समृद्ध बना सकती है।

यहाँ क्यों जाएँ ओखला बर्ड सैंक्चुअरी?

जानिए यह स्थान यात्रियों की पहली पसंद क्यों है।

ओखला बर्ड सैंक्चुअरी
1

🍛 छोले भटूरे

दिल्ली की पहचान माने जाने वाले छोले भटूरे मसालेदार छोले और मुलायम, फूले हुए भटूरों के साथ परोसे जाते हैं। यह स्वादिष्ट और पेट भरने वाला भोजन है।

2

🍛 बटर चिकन

मलाईदार टमाटर और मक्खन की ग्रेवी में पकाया गया बटर चिकन उत्तर भारत की सबसे लोकप्रिय डिशों में से एक है। इसे नान या तंदूरी रोटी के साथ खाना सबसे � च्छा माना जाता है।

3

🍛 कबाब

ओखला और आसपास के इलाकों में सीक कबाब, चिकन टिक्का और � न्य ग्रिल्ड कबाब काफी प्रसिद्ध हैं। इनका मसालेदार स्वाद खाने वालों को बेहद पसंद आता है।

4

🍛 पराठा

आलू, पनीर या मिक्स सब्जियों से भरे पराठे दही, � चार और मक्खन के साथ परोसे जाते हैं। यह साधारण लेकिन बेहद स्वादिष्ट भोजन है।

5

🍛 कुल्फी फालूदा

घूमने के बाद ठंडी कुल्फी फालूदा का स्वाद � लग ही आनंद देता है। इसमें मलाईदार कुल्फी, सेवईं, गुलाब का शरबत और सूखे मेवे मिलाए जाते हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं।

🦁

जंगल सफारी

मार्गदर्शक के साथ जंगल सफारी का आनंद लें और वन्यजीवों को देखें। वन्यजीवों को परेशान न करें तथा अभयारण्य के नियमों का पालन करें।

🦜

पक्षी दर्शन

प्राकृतिक वातावरण में स्थानीय और प्रवासी पक्षियों का अवलोकन करें। बेहतर अनुभव के लिए दूरबीन साथ रखें और शांति बनाए रखें।

📸

वन्यजीव फोटोग्राफी

वन्यजीवों और प्राकृतिक दृश्यों की शानदार तस्वीरें लें। जानवरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उन्हें परेशान न करें।

🚶

प्राकृतिक सैर

निर्धारित प्राकृतिक मार्गों पर जंगल की सैर का आनंद लें। ताज़ी हवा के साथ वन की जैव विविधता को करीब से जानें।

🏕️

कैंपिंग

प्रकृति के बीच अनुमति प्राप्त स्थानों पर कैंपिंग का आनंद लें। पर्यावरण की सुरक्षा करें और स्वच्छता बनाए रखें।

🚙

जीप सफारी

विशेषज्ञ गाइड के साथ रोमांचक जीप सफारी का अनुभव करें। सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए वन्यजीवों को देखें।

🐘

हाथी सफारी

जहाँ उपलब्ध हो वहाँ हाथी सफारी का अनूठा अनुभव लें। वन्यजीवों का सम्मान करें और पशु कल्याण के नियमों का पालन करें।

📖

वन्यजीवों के बारे में जानें

वन्यजीवों, जैव विविधता और संरक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त करें। प्राकृतिक आवासों के महत्व और संरक्षण को समझें।

🌿

ईको पर्यटन

प्रकृति के संरक्षण के साथ ईको पर्यटन का आनंद लें। जिम्मेदार पर्यटन अपनाकर जंगल और वन्यजीवों की रक्षा में सहयोग करें।

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

यात्रा से पहले जानने योग्य बातें ओखला बर्ड सैंक्चुअरी.

🌤

घूमने का सर्वोत्तम समय

October to March offers the most pleasant weather.

👕

क्या पहनें

आरामदायक कपड़े और चलने के जूते पहनें। सर्दियों की सुबह में हल्की जैकेट साथ ले जाएँ।.

📷

फोटोग्राफी

सूर्योदय और सूर्यास्त सुंदर तस्वीरों के लिए सबसे अच्छी रोशनी देते हैं।

🍴

स्थानीय भोजन

असली क्षेत्रीय खाने का मज़ा लेने के लिए पास के स्थानीय रेस्टोरेंट्स में जाकर देखो।

🛡️

सुरक्षा सुझाव

अपनी चीज़ें सुरक्षित रखें और अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय नियमों का पालन करें।

🚗

पहुंच सुविधा

यह स्थान सड़कों से पहुँच योग्य है और पास में पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएँ हैं।

💧

पानी साथ रखें

पानी पीते रहो, खासकर गर्मी में और बाहर घूमते समय।

📍

आसपास उपलब्ध सुविधाएँ

होटल, रेस्टोरंट, एटीएम, फ्यूल स्टेशन और मेडिकल सेवाएँ पास में उपलब्ध हैं।

यात्रा जानकारी

🚗

कैसे पहुँचें

  • 📍✈️ विमान द्वारा :-सबसे नजदीकी हवाई अड्डा: इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 35 किमी) हवाई अड्डे से: टैक्सी या कैब (1–1.5 घंटे),
  • 📍🚆 रेल द्वारा :-सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन: हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन / नई दिल्ली रेलवे स्टेशन फिर मेट्रो/कैब लें
  • 📍🚇मेट्रो द्वारा :-सबसे नजदीकी स्टेशन: ओखला बर्ड सैंक्चुअरी मेट्रो स्टेशन; प्रवेश द्वार तक केवल थोड़ी पैदल दूरी,
  • 📍🛣️ सड़क मार्ग द्वारा :-नोएडा–दिल्ली सड़कों के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ; कार और टैक्सी या स्थानीय बसों से आसान पहुँच
💡

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

  • ⏰ यात्रा करने का सर्वोत्तम समय: नवंबर से मार्च (सर्दियों का मौसम),
  • 🌄 दिन का सर्वोत्तम समय: सुबह जल्दी (6–10 बजे),
  • 🎫 प्रवेश शुल्क: मामूली शुल्क (भारतीय/विदेशियों के लिए अलग-अलग),
  • 🔭 बेहतर पक्षी दर्शन के लिए दूरबीन या ज़ूम कैमरा साथ ले जाएँ,
  • 👟 आरामदायक जूते पहनें,
  • 🤫 पक्षियों को परेशान किए बिना शांति बनाए रखें,
  • 🚫 कचरा न फेंके – यह एक पारिस्थितिक-संवेदनशील क्षेत्र है,
  • ☀️ पानी टोपी और सनस्क्रीन साथ ले जाएँ

यहाँ क्यों जाएँ

  • 🐦 पक्षी देखने का स्वर्ग – साइबेरियाई क्रेन फ्लेमिंगो और किंगफिशर जैसे दुर्लभ प्रवासी पक्षियों को देखें,
  • 🌅 शांतिपूर्ण प्रकृति का अनुभव – व्यस्त शहर की जिंदगी से आदर्श ब्रेक,
  • 📸 फ़ोटोग्राफ़ी स्थल – शानदार सूर्योदय दलदल और पक्षियों की तस्वीरें,
  • 🚶 वॉकिंग ट्रेल्स – प्रकृति की सैर के लिए आरामदेह रास्ते,
  • 🌱 इको-टूरिज़्म अनुभव – दलदल और संरक्षण के बारे में जानें

विशेषताएँ

  • 🌍 घोषित किया गया एक संरक्षित पक्षी अभयारण्य,
  • 🦢 मौसमी प्रवासी पक्षियों की मेजबानी करता है (नवंबर–मार्च),
  • 🌾 समृद्ध जैव विविधता: पक्षी पौधे सरीसृप और जलीय जीवन,
  • 🌊 ओखला बैराज के पास स्थित (महत्वपूर्ण जल निकाय),
  • 🔭 पक्षी देखने के टॉवर और अवलोकन स्थल उपलब्ध
गतिविधियाँ

क्या करें

✔️ पक्षी निरीक्षण – स्थानीय और प्रवासी पक्षियों जैसे बतख
हरन
ईग्रेट आदि को देखने के लिए।
✔️ फोटोग्राफी और प्रकृति की सैर – मनोरम वन्यजीवन और परिदृश्य तस्वीरों के लिए सुंदर आर्द्रभूमि और मार्ग।
✔️ प्रेक्षण टॉवर – पक्षियों को देखने के लिए रणनीतिक दृष्टि बिंदु।
✔️ मार्गदर्शित पक्षी सैर – विशेषज्ञों के साथ आयोजित सैर (ऋतु अनुसार)।
✔️ शहरी परिवेश से एक शांतिपूर्ण प्राकृतिक पलायन।

वर्तमान मौसम

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⭐ यात्रा विश्लेषण


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अक्सर पूछे जाने वाले

घूमने का सर्वोत्तम समय ओखला बर्ड सैंक्चुअरी?

इस स्थान की यात्रा पूरे वर्ष की जा सकती है, लेकिन सबसे अच्छा अनुभव मौसम और स्थानीय त्योहारों के दौरान मिलता है।

खुलने का समय

7:30 बजे से शाम 5:00

प्रवेश शुल्क

प्रवेश शुल्क ₹भारतीय पर्यटक: ₹30 प्रति व्यक्ति विदेशी पर्यटक: ₹350 प्रति व्यक्ति कैमरा ले जाने पर अलग शुल्क लिया ज है।

कितना समय लगता है?

2 से 3 घंटे

कैसे पहुँचें ओखला बर्ड सैंक्चुअरी?

✈️ विमान द्वारा :-सबसे नजदीकी हवाई अड्डा: इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 35 किमी) हवाई अड्डे से: टैक्सी या कैब (1–1.5 घंटे),
🚆 रेल द्वारा :-सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन: हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन / नई दिल्ली रेलवे स्टेशन फिर मेट्रो/कैब लें
🚇मेट्रो द्वारा :-सबसे नजदीकी स्टेशन: ओखला बर्ड सैंक्चुअरी मेट्रो स्टेशन; प्रवेश द्वार तक केवल थोड़ी पैदल दूरी,
🛣️ सड़क मार्ग द्वारा :-नोएडा–दिल्ली सड़कों के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ; कार और टैक्सी या स्थानीय बसों से आसान पहुँच

लास्ट अपडेट: 05 July 2026