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महाबलीपुरम (मामल्लापुरम)
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Home तमिलनाडु महाबलीपुरम (मामल्लापुरम)
ऐतिहासिक स्थल

महाबलीपुरम (मामल्लापुरम)

★★★★★ 3.9 (186 रिवीव)
📍 महाबलीपुरम• चेन्गलपट्टू• तमिलनाडु
📍 दिशा प्राप्त करें
🕒
खुलने का समय

6:00 बजे से शाम 6:00

💰
प्रवेश शुल्क

₹₹40

🌤️
घूमने का सर्वोत्तम समय

नवंबर से फरवरी

समय अवधि

4 से 6 घंटे

🅿️
पार्किंग

Available

👨‍👩‍👧‍👦
परिवार के लिए उपयुक्त

हाँ

महाबलीपुरम (मामल्लापुरम)

महाबलीपुरम, जिसे ममल्लापुरम के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय राज्य तमिलनाडु का एक ऐतिहासिक तटीय शहर है। अपने प्राचीन चट्टान-कट मंदिरों, पत्थर की मूर्तियों और यूनेस्को-स्वीकृत स्मारकों के लिए प्रसिद्ध, यह 7वीं और 8वीं शताब्दी के दौरान पल्लव वंश का प्रमुख बंदरगाह था। यह शहर इतिहास के शौकीनों, वास्तुकला प्रेमियों, फोटोग्राफरों और बीच यात्रा करने वालों को आकर्षित करता है। इसकी सांस्कृतिक विरासत, कला में उत्कृष्टता और खूबसूरत तटरेखा का मेल इसे दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक बनाता है।

महाबलीपुरम भारत के सबसे आकर्षक धरोहर स्थलों में से एक है, जो बंगाल की खाड़ी के किनारे, मनमोहक कोरमंडल तट पर स्थित है। इस प्राचीन शहर का विकास पल्लव राजाओं ने किया था और यह 7वीं सदी के दौरान कला, वास्तुकला, व्यापार और धर्म का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया था। आज, महाबलीपुरम अपनी असाधारण पत्थर की स्मारक और जटिल शिल्पकला के लिए विश्वभर में प्रशंसित है।

शहर का सबसे प्रतीकात्मक आकर्षण शोर टेंपल है, एक सुंदर मंदिर जो समुद्र के किनारे खड़ा है और प्रारंभिक द्रविड़ीय वास्तुकला की शोभा को दर्शाता है। एक और प्रमुख आकर्षण पंच रथ हैं, जो एक ही पत्थर से उकेरे गए विशाल शिल्प मंदिरों का समूह हैं। आगंतुक अर्जुन की तपस्या से भी प्रभावित होते हैं, जो दुनिया की सबसे बड़ी खुली हवा में बनी शिल्प शिलालेख मूर्तियों में से एक है।

ऐतिहासिक स्मारकों के अलावा, मछाबालिपुरम शांतिपूर्ण समुद्र तट, स्थानीय हस्तशिल्प, समुद्री भोजन रेस्तरां और एक शांत तटीय वातावरण प्रदान करता है। यह शहर विशेष रूप से फोटोग्राफरों, इतिहास प्रेमियों, कलाकारों और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। पारंपरिक पत्थर-नक्काशी कार्यशालाएँ यहाँ अभी भी चल रही हैं, जो पीढ़ियों से पारित सदियों पुराने कलात्मक कौशल को संरक्षित करती हैं।

महाबलीपुरम चेन्नई से सुरम्य ईस्ट कोस्ट रोड के माध्यम से आसानी से सुलभ है, जिससे यह एक परफेक्ट सप्ताहांत की छुट्टी के लिए उपयुक्त स्थल बन जाता है। ठंडी समुद्री हवा, प्राचीन मंदिर और सांस्कृतिक समृद्धि सभी उम्र के यात्रियों के लिए एक यादगार यात्रा अनुभव बनाती हैं। चाहे कोई इतिहास, वास्तुकला, अध्यात्म या प्राकृतिक सौंदर्य में रुचि रखता हो, महाबलीपुरम एक अद्वितीय विरासत और विश्राम का मिश्रण प्रदान करता है, जो इसे दक्षिण भारत के सबसे कीमती पर्यटन स्थलों में से एक बनाता है।

📜 इतिहास

महाबलीपुरम, जिसे मामल्लापुरम भी कहा जाता है, का इतिहास लगभग 1,300 वर्ष पुराना है। यह नगर 7वीं और 8वीं शताब्दी में पल्लव वंश के शासनकाल में विशेष रूप से प्रसिद्ध हुआ। पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम, जिन्हें "मामल्ल" अर्थात् "महान पहलवान" कहा जाता था, के नाम पर ही इस नगर का नाम मामल्लापुरम पड़ा। पल्लव शासकों ने इस समुद्र तटीय नगर को दक्षिण भारत के प्रमुख बंदरगाहों में विकसित किया। उस समय श्रीलंका, चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के व्यापारियों का यहाँ नियमित आना-जाना रहता था। व्यापार के साथ-साथ यह नगर कला, संस्कृति और स्थापत्य का भी महत्वपूर्ण केंद्र बन गया। पल्लव काल के कुशल शिल्पकारों ने विशाल ग्रेनाइट चट्टानों को काटकर गुफा मंदिर, रथ और भव्य मूर्तियाँ बनाई, जो आज भी उनकी अद्भुत कला और तकनीकी दक्षता का प्रमाण हैं।

इसी काल में प्रसिद्ध शोर मंदिर का निर्माण हुआ, जो आज भी बंगाल की खाड़ी के किनारे शान से खड़ा है। वहीं अर्जुन तपस्या नामक विशाल शैल-चित्र विश्व की सबसे बड़ी खुली चट्टान पर उकेरी गई कलाकृतियों में गिना जाता है। इतिहासकारों का मानना है कि कभी समुद्र तट पर कई भव्य मंदिर मौजूद थे, जिनमें से अधिकांश समय के साथ समुद्र में समा गए। इन्हें स्थानीय लोग "सेवन पगोडाज" के नाम से जानते हैं। आज भी समुद्र के भीतर होने वाले पुरातात्विक शोध इस प्राचीन नगर के रहस्यों को उजागर कर रहे हैं। इसकी ऐतिहासिक और स्थापत्य महत्व को देखते हुए वर्ष 1984 में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।

यहाँ क्यों जाएँ महाबलीपुरम (मामल्लापुरम)?

जानिए यह स्थान यात्रियों की पहली पसंद क्यों है।

महाबलीपुरम (मामल्लापुरम)
1

🍛 फिश फ्राई

ताज़ी मछली को दक्षिण भारतीय मसालों में मेरिनेट करके हल्का कुरकुरा होने तक तला जाता है। समुद्र तट के आसपास यह सबसे लोकप्रिय व्यंजनों में से एक है।

2

🍛 प्रॉन करी

ताज़े झींगों को नारियल की ग्रेवी, इमली और पारंपरिक मसालों के साथ पकाया जाता है। इसे आमतौर पर गरम चावल के साथ परोसा जाता है।

3

🍛 क्रैब मसाला

ताज़े केकड़े को प्याज़, टमाटर, काली मिर्च और स्थानीय मसालों के साथ पकाया जाता है। इसका मसालेदार स्वाद समुद्री भोजन प्रेमियों को खूब पसंद आता है।

4

🍛 कोथु परोट्टा

यह तमिलनाडु का प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड है, जिसमें परोट्टा को छोटे टुकड़ों में काटकर � ंडा या चिकन, सब्जियों और मसालों के साथ तवे पर पकाया जाता है।

5

🍛 फ़िल्टर कॉफी

दक्षिण भारत की पारंपरिक फ़िल्टर कॉफी � पनी गाढ़ी खुशबू और स्वाद के लिए प्रसिद्ध है। महाबलीपुरम की यात्रा के दौरान इसका स्वाद ज़रूर लेना चाहिए।

🚶

विरासत भ्रमण

ऐतिहासिक गलियों और विरासत स्थलों का भ्रमण कर अतीत को जानें। प्राचीन वास्तुकला, संस्कृति और इतिहास का अनुभव करें।

🏛️

प्राचीन वास्तुकला का अन्वेषण

प्राचीन इमारतों, किलों, मंदिरों और स्मारकों की भव्यता देखें। पुरानी सभ्यताओं की अद्भुत वास्तुकला और शिल्पकला को समझें।

📸

फोटोग्राफी

ऐतिहासिक स्मारकों और सुंदर दृश्यों की यादगार तस्वीरें लें। फोटोग्राफी संबंधी नियमों और प्रतिबंधित क्षेत्रों का पालन करें।

🎤

गाइडेड टूर

गाइड के साथ भ्रमण कर स्मारक का विस्तृत इतिहास जानें। विशेषज्ञ गाइड रोचक तथ्य और स्थानीय जानकारी साझा करते हैं।

📜

इतिहास जानें

स्थान के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और विरासत को जानें। महत्वपूर्ण घटनाओं, शासकों और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी प्राप्त करें।

🏺

संग्रहालय भ्रमण

संग्रहालय में प्राचीन वस्तुएँ, मूर्तियाँ और ऐतिहासिक संग्रह देखें। क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के बारे में गहन जानकारी प्राप्त करें।

🎭

लाइट एवं साउंड शो देखें

लाइट एवं साउंड शो के माध्यम से इतिहास को जीवंत रूप में देखें। संगीत, प्रकाश और कथावाचन के साथ ऐतिहासिक घटनाओं का आनंद लें।

🛍️

स्थानीय खरीदारी

स्थानीय बाजारों से हस्तशिल्प, स्मृति चिन्ह और पारंपरिक वस्तुएँ खरीदें। स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करते हुए यादगार वस्तुएँ साथ ले जाएँ।

🎎

सांस्कृतिक अनुभव

स्थानीय परंपराओं, लोक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनुभव करें। यह क्षेत्र की जीवनशैली और विरासत को समझने का अवसर देता है।

🗿

आस-पास के स्मारकों का भ्रमण

आस-पास के स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण करें। एक ही यात्रा में कई ऐतिहासिक आकर्षणों का आनंद लें।

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

यात्रा से पहले जानने योग्य बातें महाबलीपुरम (मामल्लापुरम).

🌤

घूमने का सर्वोत्तम समय

नवंबर से फरवरी

👕

क्या पहनें

आरामदायक कपड़े और चलने के जूते पहनें। सर्दियों की सुबह में हल्की जैकेट साथ ले जाएँ।.

📷

फोटोग्राफी

सूर्योदय और सूर्यास्त सुंदर तस्वीरों के लिए सबसे अच्छी रोशनी देते हैं।

🍴

स्थानीय भोजन

असली क्षेत्रीय खाने का मज़ा लेने के लिए पास के स्थानीय रेस्टोरेंट्स में जाकर देखो।

🛡️

सुरक्षा सुझाव

अपनी चीज़ें सुरक्षित रखें और अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय नियमों का पालन करें।

🚗

पहुंच सुविधा

यह स्थान सड़कों से पहुँच योग्य है और पास में पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएँ हैं।

💧

पानी साथ रखें

पानी पीते रहो, खासकर गर्मी में और बाहर घूमते समय।

📍

आसपास उपलब्ध सुविधाएँ

होटल, रेस्टोरंट, एटीएम, फ्यूल स्टेशन और मेडिकल सेवाएँ पास में उपलब्ध हैं।

यात्रा जानकारी

🚗

कैसे पहुँचें

  • 📍हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जो लगभग 55 किमी दूर है।,
  • 📍रेल मार्ग: सबसे नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन चेंगलपट्टू जंक्शन है। चेन्नई रेलवे स्टेशन भी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।,
  • 📍सड़क मार्ग: महाबलीपुरम चेन्नई से सुंदर ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) द्वारा जुड़ा हुआ है। नियमित बसें, टैक्सी और सेल्फ-ड्राइव कारें उपलब्ध हैं।
💡

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

  • यात्रा का सबसे अच्छा समय: नवंबर से फरवरी,
  • पत्थरीली सतहों पर चलने के लिए आरामदायक जूते पहनें,
  • गर्मी के दौरान पानी सनस्क्रीन और टोपी साथ रखें,
  • फोटोग्राफी और भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी यात्रा करना आदर्श है,
  • सांस्कृतिक धरोहर संरचनाओं का सम्मान करें और प्रतिबंधित स्मारकों पर चढ़ने से बचें

यहाँ क्यों जाएँ

  • शानदार प्राचीन पत्थर की वास्तुकला और मूर्तियां,
  • यूनेस्को विश्व धरोहर स्मारक,
  • बंगाल की खाड़ी के किनारे शांतिपूर्ण समुद्र तट वातावरण,
  • समृद्ध दक्षिण भारतीय संस्कृति और इतिहास,
  • फोटोग्राफी और धरोहर अन्वेषण के लिए आदर्श,
  • स्वादिष्ट तमिल समुद्री भोजन और स्थानीय व्यंजन

विशेषताएँ

  • शोर टेम्पल और पञ्च रथ जैसे प्रसिद्ध स्मारक,
  • अर्जुन की तपस्या जैसी विशाल शिल्प कला,
  • पारंपरिक पत्थर की नक्काशी कार्यशालाएँ,
  • वार्षिक नृत्य और सांस्कृतिक महोत्सव,
  • बंगाल की खाड़ी पर सूर्योदय के दृश्य
गतिविधियाँ

क्या करें

सूर्योदय या सूर्यास्त के समय शोर मंदिर की खोज करें
पंच रथों का दौरा करें और एकल पत्थर वास्तुकला का अध्ययन करें
अर्जुन की तपस्या पर नक्काशी की सराहना करें
प्राचीन चट्टान में खोदे गए गुफा मंदिरों में चलें
महाबलीपुरम समुद्र तट पर आराम करें
हाथ से तराशे गए पत्थर के शिल्प खरीदें
महाबलीपुरम नृत्य महोत्सव (दिसंबर–जनवरी) में भाग लें।

वर्तमान मौसम

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अक्सर पूछे जाने वाले

घूमने का सर्वोत्तम समय महाबलीपुरम (मामल्लापुरम)?

नवंबर से फरवरी

खुलने का समय

6:00 बजे से शाम 6:00

प्रवेश शुल्क

प्रवेश शुल्क ₹₹40 है।

कितना समय लगता है?

4 से 6 घंटे

कैसे पहुँचें महाबलीपुरम (मामल्लापुरम)?

हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जो लगभग 55 किमी दूर है।,
रेल मार्ग: सबसे नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन चेंगलपट्टू जंक्शन है। चेन्नई रेलवे स्टेशन भी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।,
सड़क मार्ग: महाबलीपुरम चेन्नई से सुंदर ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) द्वारा जुड़ा हुआ है। नियमित बसें, टैक्सी और सेल्फ-ड्राइव कारें उपलब्ध हैं।

लास्ट अपडेट: 05 July 2026