EN हिंदी
जंतर मंतर जयपुर
जंतर मंतर जयपुर
जंतर मंतर जयपुर
जंतर मंतर जयपुर
जंतर मंतर जयपुर
जंतर मंतर जयपुर
जंतर मंतर जयपुर
जंतर मंतर जयपुर
जंतर मंतर जयपुर
1 / 9
Home राजस्थान जंतर मंतर जयपुर
ऐतिहासिक स्थल

जंतर मंतर जयपुर

★★★★★ 3.9 (302 रिवीव)
📍 • जयपुर• राजस्थान
📍 दिशा प्राप्त करें
🕒
खुलने का समय

9:00 बजे से शाम 5:00

💰
प्रवेश शुल्क

₹₹50 प्रति व्यक्ति विदेशी पर्यटक: ₹200 प्रति व्यक्ति

🌤️
घूमने का सर्वोत्तम समय

सारा साल

समय अवधि

1 से 2 घंटे

🅿️
पार्किंग

Available

👨‍👩‍👧‍👦
परिवार के लिए उपयुक्त

हाँ

जंतर मंतर जयपुर

जंतर मंतर जयपुर एक यूनेस्को विश्व धरोहर वाला खगोलीय वेधशाला है जिसे महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने 18वीं सदी में बनवाया था। इसमें दुनिया का सबसे बड़ा पत्थर का सूर्य घड़ी और 19 खगोलीय उपकरणों का संग्रह है, जिनका इस्तेमाल समय मापने, आकाशीय पिंडों को ट्रैक करने और सूर्य तथा चंद्रग्रहण की भविष्यवाणी करने के लिए किया जाता था। जयपुर के सिटी पैलेस के पास स्थित यह वेधशाला प्राचीन भारतीय विज्ञान और वास्तुकला की उन्नत तकनीक को दर्शाती है। यह साइट अपने प्रकार की सबसे अच्छी सुरक्षित वेधशालाओं में से एक है और खगोल विज्ञान और विरासत में रुचि रखने वाले छात्रों, इतिहासकारों और पर्यटकों को आकर्षित करती है।

जयपुर का जान्तर मंतर भारत की सबसे शानदार वैज्ञानिक विरासत स्थलों में से एक है, जो 18वीं सदी के खगोल विज्ञान के ज्ञान की बेजोड़ प्रतिभा को दिखाता है। इसे महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने 1734 में बनवाया था और यह भारत में बने पांच वेधशालाओं की श्रृंखला का हिस्सा है, लेकिन जयपुर का वेधशाला सबसे बड़ा और सबसे अच्छी तरह संरक्षित है।

यह स्थल 19 बड़े स्थापत्य उपकरणों से बना है, जो पत्थर और संगमरमर से बने हैं, और प्रत्येक विशिष्ट खगोलीय गणनाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है। आधुनिक टेलीस्कोप्स के विपरीत, ये उपकरण स्थायी संरचनाएं हैं, जो आकाशीय पिंडों के साथ संरेखित होती हैं ताकि समय मापा जा सके, ग्रहणों की भविष्यवाणी की जा सके, तारों का पता लगाया जा सके और ग्रहों की स्थितियों को प्रभावशाली सटीकता के साथ निर्धारित किया जा सके।
सबसे प्रसिद्ध संरचना सम्राट यंत्र है, एक विशाल सूर्य घड़ी जो समय को कुछ सेकंड तक सही तरीके से माप सकती है। एक अन्य प्रमुख यंत्र, जय प्रकाश यंत्र, आसमान की स्थिति को अवतल सतहों पर प्रतिबिंबित करके आकाशीय पिंडों को खोजने में मदद करता है। ये यंत्र प्राचीन भारत में खगोल विज्ञान और गणित की उन्नत समझ को दर्शाते हैं।

जयपुर के केंद्र में, सिटी पैलेस और हवा महल के पास स्थित, जंतर मंतर एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है जो पर्यटकों, छात्रों, शोधकर्ताओं और फोटोग्राफी के शौकीनों को आकर्षित करता है। इसकी ज्यामितीय संरचनाएँ और ऐतिहासिक महत्व इसे विज्ञान और वास्तुकला का एक अनोखा मिश्रण बनाते हैं।यात्री इस स्थल को 1–2 घंटे में देख सकते हैं, बेहतर होगा कि उनके साथ एक गाइड हो ताकि हर यंत्र के काम करने के सिद्धांत को समझा जा सके। खुला लेआउट शानदार तस्वीरें लेने के मौके देता है, खासकर सुबह और शाम की रोशनी में।

आज, जान्तर मंतर सिर्फ एक पर्यटन स्थल ही नहीं है, बल्कि भारत की वैज्ञानिक विरासत और नवाचार का प्रतीक भी है। यह खगोल विज्ञान और प्राचीन इंजीनियरिंग के बारे में जिज्ञासा जगाना जारी रखता है, जिससे यह जयपुर में इतिहास, विज्ञान और संस्कृति में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए जरूर देखने योग्य जगह बन जाता है।

📜 इतिहास

जयपुर का जंतर मंतर भारत की वैज्ञानिक और खगोलीय विरासत का एक अद्भुत उदाहरण है। इसका निर्माण वर्ष 1728 से 1734 के बीच जयपुर के संस्थापक महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने करवाया था। महाराजा जय सिंह को खगोल विज्ञान में गहरी रुचि थी। उस समय प्रचलित खगोलीय गणनाओं में कई त्रुटियाँ थीं, इसलिए उन्होंने अधिक सटीक माप के लिए विशाल पत्थर और ईंटों से बने यंत्रों का निर्माण कराने का निर्णय लिया। महाराजा जय सिंह ने कुल पाँच जंतर मंतर बनवाए थे, जो जयपुर, दिल्ली, उज्जैन, वाराणसी और मथुरा में स्थित थे। इनमें से मथुरा वाला जंतर मंतर अब मौजूद नहीं है। जयपुर का जंतर मंतर सबसे बड़ा और सबसे अच्छी तरह संरक्षित वेधशाला है। यहाँ 19 विशाल खगोलीय यंत्र स्थापित हैं, जिनका उपयोग समय मापने, सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की स्थिति जानने, ग्रहण का अनुमान लगाने तथा तारों की गति का अध्ययन करने के लिए किया जाता था।

यहाँ का सबसे प्रसिद्ध यंत्र सम्राट यंत्र है, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी पत्थर की सूर्य घड़ी माना जाता है। साफ मौसम में यह समय को बहुत सटीकता से बताने में सक्षम है। इसकी ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्ता को देखते हुए वर्ष 2010 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। आज यह स्थान भारत की प्राचीन वैज्ञानिक सोच और खगोलीय ज्ञान का जीवंत प्रमाण माना जाता है।

यहाँ क्यों जाएँ जंतर मंतर जयपुर?

जानिए यह स्थान यात्रियों की पहली पसंद क्यों है।

जंतर मंतर जयपुर
1

🍛 दाल बाटी चूरमा

दाल बाटी चूरमा राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक भोजन है। इसमें घी से सनी बाटी, मसालेदार दाल और मीठा चूरमा परोसा जाता है। इसका स्वाद हर पर्यटक को पसंद आता है।

2

🍛 प्याज़ कचौरी

प्याज़ कचौरी जयपुर का बेहद लोकप्रिय नाश्ता है। इसमें मसालेदार प्याज़ की भरावन होती है और इसे इमली तथा हरी चटनी के साथ परोसा जाता है।

3

🍛 घेवर

घेवर राजस्थान की प्रसिद्ध मिठाई है। इसे मैदा, घी और चीनी की चाशनी से बनाया जाता है। त्योहारों के समय इसकी मांग सबसे � धिक रहती है, लेकिन जयपुर में यह पूरे साल आसानी से मिल जाती है।

4

🍛 लाल मांस

लाल मांस राजस्थान की पारंपरिक मसालेदार मटन करी है। इसका तीखा स्वाद और लाल रंग इसे खास बनाता है। इसे बाजरे की रोटी या नान के साथ खाया जाता है।

5

🍛 मावा कचौरी

मावा कचौरी जयपुर की प्रसिद्ध मिठाइयों में से एक है। इसमें मावा और सूखे मेवों की भरावन होती है तथा इसे चीनी की चाशनी में डुबोकर तैयार किया जाता है। इसका स्वाद बेहद लाजवाब होता है।

🚶

विरासत भ्रमण

ऐतिहासिक गलियों और विरासत स्थलों का भ्रमण कर अतीत को जानें। प्राचीन वास्तुकला, संस्कृति और इतिहास का अनुभव करें।

🏛️

प्राचीन वास्तुकला का अन्वेषण

प्राचीन इमारतों, किलों, मंदिरों और स्मारकों की भव्यता देखें। पुरानी सभ्यताओं की अद्भुत वास्तुकला और शिल्पकला को समझें।

📸

फोटोग्राफी

ऐतिहासिक स्मारकों और सुंदर दृश्यों की यादगार तस्वीरें लें। फोटोग्राफी संबंधी नियमों और प्रतिबंधित क्षेत्रों का पालन करें।

🎤

गाइडेड टूर

गाइड के साथ भ्रमण कर स्मारक का विस्तृत इतिहास जानें। विशेषज्ञ गाइड रोचक तथ्य और स्थानीय जानकारी साझा करते हैं।

📜

इतिहास जानें

स्थान के समृद्ध इतिहास, संस्कृति और विरासत को जानें। महत्वपूर्ण घटनाओं, शासकों और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी प्राप्त करें।

🏺

संग्रहालय भ्रमण

संग्रहालय में प्राचीन वस्तुएँ, मूर्तियाँ और ऐतिहासिक संग्रह देखें। क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के बारे में गहन जानकारी प्राप्त करें।

🎭

लाइट एवं साउंड शो देखें

लाइट एवं साउंड शो के माध्यम से इतिहास को जीवंत रूप में देखें। संगीत, प्रकाश और कथावाचन के साथ ऐतिहासिक घटनाओं का आनंद लें।

🛍️

स्थानीय खरीदारी

स्थानीय बाजारों से हस्तशिल्प, स्मृति चिन्ह और पारंपरिक वस्तुएँ खरीदें। स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करते हुए यादगार वस्तुएँ साथ ले जाएँ।

🎎

सांस्कृतिक अनुभव

स्थानीय परंपराओं, लोक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनुभव करें। यह क्षेत्र की जीवनशैली और विरासत को समझने का अवसर देता है।

🗿

आस-पास के स्मारकों का भ्रमण

आस-पास के स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण करें। एक ही यात्रा में कई ऐतिहासिक आकर्षणों का आनंद लें।

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

यात्रा से पहले जानने योग्य बातें जंतर मंतर जयपुर.

🌤

घूमने का सर्वोत्तम समय

सारा साल

👕

क्या पहनें

आरामदायक कपड़े और चलने के जूते पहनें। सर्दियों की सुबह में हल्की जैकेट साथ ले जाएँ।.

📷

फोटोग्राफी

सूर्योदय और सूर्यास्त सुंदर तस्वीरों के लिए सबसे अच्छी रोशनी देते हैं।

🍴

स्थानीय भोजन

असली क्षेत्रीय खाने का मज़ा लेने के लिए पास के स्थानीय रेस्टोरेंट्स में जाकर देखो।

🛡️

सुरक्षा सुझाव

अपनी चीज़ें सुरक्षित रखें और अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय नियमों का पालन करें।

🚗

पहुंच सुविधा

यह स्थान सड़कों से पहुँच योग्य है और पास में पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएँ हैं।

💧

पानी साथ रखें

पानी पीते रहो, खासकर गर्मी में और बाहर घूमते समय।

📍

आसपास उपलब्ध सुविधाएँ

होटल, रेस्टोरंट, एटीएम, फ्यूल स्टेशन और मेडिकल सेवाएँ पास में उपलब्ध हैं।

यात्रा जानकारी

🚗

कैसे पहुँचें

  • 📍हवाई मार्ग से: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है; जो लगभग 12 किमी दूर है।,
  • 📍रेलमार्ग से: जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुँचें और टैक्सी ऑटो-रिक्शा या बस लें।,
  • 📍सड़क मार्ग से: जयपुर दिल्ली आगरा और अन्य प्रमुख शहरों से राजमार्गों द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।
💡

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

  • गर्मी से बचने के लिए सुबह जल्दी या शाम को जाएँ।,
  • उपकरणों को बेहतर तरीके से समझने के लिए एक गाइड रखें।,
  • पानी धूप के चश्मे और आरामदायक जूते साथ ले जाएँ।,
  • यात्रा को नजदीकी ऐतिहासिक आकर्षणों के साथ जोड़ें।

यहाँ क्यों जाएँ

  • प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान और विज्ञान की खोज करें।,
  • अनोखी वास्तुशिल्प और गणितीय डिज़ाइनों का अनुभव करें।,
  • विशाल ज्यामितीय उपकरणों की फ़ोटोग्राफ़ी का आनंद लें।,
  • जानें कि आधुनिक तकनीक से पहले लोग समय कैसे मापते थे।,
  • हवा महल और सिटी पैलेस जैसी लोकप्रिय आकर्षणों के पास स्थित।

विशेषताएँ

  • दुनिया का सबसे बड़ा पत्थर का सूर्य घड़ी।,
  • यूनेस्को विश्व धरोहर मान्यता।,
  • वैज्ञानिक उपकरण पूरी तरह से पत्थर और संगमरमर से बने।,
  • खगोल विज्ञान & गणित और वास्तुकला का मिश्रण।
गतिविधियाँ

क्या करें

सम्राट यंत्र (विशाल सूर्य घड़ी) का अन्वेषण करें
जैसे जय प्रकाश यंत्र और राम यंत्र का निरीक्षण करें
खगोलीय सिद्धांतों को समझने के लिए एक मार्गदर्शित यात्रा लें
विशाल ज्यामितीय संरचनाओं की फ़ोटोग्राफी करें
प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान के बारे में जानें
पास के जयपुर धरोहर स्थलों के साथ यात्रा को जोड़ें

वर्तमान मौसम

🌤 लाइव मौसम
☀️
--
लोड हो रहा है...
अनुभव तापमान

💧 आर्द्रता

--

💨 हवा

--

👀 दृश्यता

--

☀ यूवी सूचकांक

--

मौसम विवरण


🌡 वायुदाब --
🌧 वर्षा संभावना --
🧭🧭 हवा की दिशा --
🌄 सूर्योदय --
🌇 सूर्यास्त --

🌫🌫 वायु गुणवत्ता


--
Loading...

PM2.5 --
PM10 --
CO --
NO₂ --
O₃ --
SO₂ --

⭐ यात्रा विश्लेषण


--
--
Loading...
Calculating...

🚨 मौसम चेतावनी


मौसम अपडेट की प्रतीक्षा...

⚙ सिस्टम स्थिति


🌐 कनेक्शन Checking...
📍 GPS Detecting...
⚡ API समय --
🕒 अंतिम अपडेट --
FunYatra मौसम विश्लेषण
द्वारा संचालित
स्थान

मानचित्र पर देखें

क्या आपने भ्रमण किया जंतर मंतर जयपुर?

अपना अनुभव साझा करें और अन्य यात्रियों की सहायता करें।

×

अपना अनुभव साझा करें

और देखें

आसपास के पर्यटन स्थल

अक्सर पूछे जाने वाले

घूमने का सर्वोत्तम समय जंतर मंतर जयपुर?

सारा साल

खुलने का समय

9:00 बजे से शाम 5:00

प्रवेश शुल्क

प्रवेश शुल्क ₹₹50 प्रति व्यक्ति विदेशी पर्यटक: ₹200 प्रति व्यक्ति है।

कितना समय लगता है?

1 से 2 घंटे

कैसे पहुँचें जंतर मंतर जयपुर?

हवाई मार्ग से: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है; जो लगभग 12 किमी दूर है।,
रेलमार्ग से: जयपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुँचें और टैक्सी ऑटो-रिक्शा या बस लें।,
सड़क मार्ग से: जयपुर दिल्ली आगरा और अन्य प्रमुख शहरों से राजमार्गों द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

लास्ट अपडेट: 05 July 2026