EN हिंदी
जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ मंदिर
1 / 10
Home ओडिशा जगन्नाथ मंदिर
धार्मिक स्थल

जगन्नाथ मंदिर

★★★★★ 4.1 (123 रिवीव)
📍 • पूरी• ओडिशा
📍 दिशा प्राप्त करें
🕒
खुलने का समय

सुबह 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक

💰
प्रवेश शुल्क

₹निःशुल्क है

🌤️
घूमने का सर्वोत्तम समय

अक्टूबर से फरवरी

समय अवधि

2 से 3 घंटे

🅿️
पार्किंग

Available

👨‍👩‍👧‍👦
परिवार के लिए उपयुक्त

हाँ

जगन्नाथ मंदिर

प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर भारत के सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है और चौर धाम यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान जगन्नाथ, जो भगवान विष्णु का रूप हैं, को समर्पित यह मंदिर अपनी आध्यात्मिक वातावरण, भव्य वास्तुकला और विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा उत्सव के लिए जाना जाता है। राजा अनंतवर्मन चोदगंगा देवा द्वारा 12वीं शताब्दी में निर्मित, यह मंदिर हर साल लाखों भक्तों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ मुख्य रूप से जिन देवताओं की पूजा की जाती है, वे हैं भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा। मंदिर की ऊँची संरचना, विस्तृत नक्काशी और पारंपरिक अनुष्ठान ओड़िशा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं।

जगन्नाथ मंदिर भारत के पूर्वी तट पर पुरी में स्थित एक ऐतिहासिक हिंदू मंदिर है, जो श्री जगन्नाथ — भगवान विष्णु का अवतार — को समर्पित है। वर्तमान संरचना को 12वीं शताब्दी में पूर्वी गंगा वंश के राजा अनंतवर्मन चोदगंगा द्वारा काफी विकसित किया गया था, और यह पहले के मंदिरों की जगह पर स्थित है। यह मंदिर चार धाम यात्रा में एक केंद्रीय तीर्थस्थान है और इसके अनोखे लकड़ी के देवताओं के लिए प्रसिद्ध है, जिन्हें हर 12–19 वर्ष में नबकलिबार नामक अनुष्ठान में आदर्श रूप से बदल दिया जाता है।

मंदिर परिसर में कई छोटे मंदिर भी शामिल हैं, और इसका सबसे प्रसिद्ध त्योहार रथ यात्रा है, जिसमें मुख्य देवताओं — जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा — को विशाल लकड़ी की रथों पर रखा जाता है और गली मार्गों से गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है। मंदिर का प्रशासन श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंध समिति द्वारा किया जाता है।

📜 इतिहास

पुरी का जगन्नाथ मंदिर भारत के सबसे प्राचीन और पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में पूर्वी गंग वंश के राजा अनंतवर्मन चोडगंग देव ने शुरू करवाया था। बाद में राजा अनंगभीम देव ने इसका निर्माण पूरा कराया और इसे भगवान जगन्नाथ को समर्पित किया। भगवान जगन्नाथ को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है, जिनके साथ उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का दिव्य हृदय, जिसे "ब्रह्म पदार्थ" कहा जाता है, मंदिर की लकड़ी की मूर्तियों के अंदर स्थापित किया गया था। यही कारण है कि इन मूर्तियों का विशेष महत्व माना जाता है। मंदिर में 12 से 19 वर्षों के बीच होने वाली "नवकलेवर" परंपरा भी बहुत प्रसिद्ध है, जिसमें पुराने विग्रहों को गुप्त धार्मिक विधियों के साथ नए विग्रहों से बदला जाता है।

इतिहास में कई बार इस मंदिर पर आक्रमण हुए, जिनमें 16वीं शताब्दी में कालापहाड़ का हमला सबसे अधिक प्रसिद्ध है। उस समय मंदिर के सेवकों ने भगवान की मूर्तियों को सुरक्षित स्थानों पर छिपाकर उनकी रक्षा की। बाद में स्थिति सामान्य होने पर उन्हें दोबारा मंदिर में स्थापित किया गया। आज जगन्नाथ मंदिर अपनी प्राचीन परंपराओं, विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा और प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को मिलने वाले महाप्रसाद के लिए जाना जाता है। सदियों पुराना यह मंदिर आज भी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पूरी श्रद्धा के साथ संजोए हुए है।

यहाँ क्यों जाएँ जगन्नाथ मंदिर?

जानिए यह स्थान यात्रियों की पहली पसंद क्यों है।

जगन्नाथ मंदिर
1

🍛 महाप्रसाद (�

भड़ा) जगन्नाथ मंदिर का सबसे प्रसिद्ध भोजन महाप्रसाद या � भड़ा है। इसे मंदिर की विशाल रसोई में मिट्टी के बर्तनों में पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है। पहले इसे भगवान जगन्नाथ को � र्पित किया जाता है, फिर श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है। इसमें चावल, दाल, सब्जी, खिचड़ी और कई प्रकार की मिठाइयाँ शामिल होती हैं।

2

🍛 खाजा

खाजा मैदे की कई परतों से बनी कुरकुरी मिठाई है, जिसे चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है। यह मंदिर का सबसे लोकप्रिय प्रसाद माना जाता है और लोग इसे घर भी लेकर जाते हैं।

3

🍛 दालमा

दालमा ओडिशा का पारंपरिक व्यंजन है, जिसे दाल और मौसमी सब्जियों से बनाया जाता है। इसमें प्याज और लहसुन का उपयोग नहीं किया जाता, इसलिए इसका स्वाद हल्का और शुद्ध होता है।

4

🍛 खीरी

खीरी चावल, दूध, चीनी और इलायची से बनने वाली स्वादिष्ट मिठाई है। यह महाप्रसाद का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है और भक्त इसे बड़े प्रेम से ग्रहण करते हैं।

5

🍛 कनिका

कनिका घी, किशमिश और हल्के मसालों के साथ बनाया जाने वाला मीठा सुगंधित चावल है। यह मंदिर के पारंपरिक भोजन का विशेष हिस्सा माना जाता है और इसका स्वाद बेहद पसंद किया जाता है।

🙏

प्रार्थना

शांत और पवित्र वातावरण में प्रार्थना कर ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करें। स्थानीय परंपराओं और धार्मिक नियमों का सम्मान करें।

🛕

दर्शन

देवता के दिव्य दर्शन कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करें। दर्शन के दौरान मंदिर या धार्मिक स्थल के नियमों का पालन करें।

🧘

ध्यान

धार्मिक स्थल के शांत वातावरण में ध्यान लगाकर मानसिक शांति प्राप्त करें। आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक सुकून का अनुभव करें।

🪔

आरती में शामिल हों

पवित्र आरती में शामिल होकर भक्ति और श्रद्धा का अनुभव करें। दीप, मंत्र और भजन के साथ आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लें।

📿

धार्मिक अनुष्ठान

धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक पूजा विधियों में भाग लें। यहाँ की धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं को करीब से जानें।

आध्यात्मिक अनुभव

पवित्र वातावरण में आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करें। प्रार्थना, चिंतन और आत्मिक संतुलन का आनंद लें।

🏛️

धार्मिक वास्तुकला का अवलोकन

धार्मिक स्थल की सुंदर वास्तुकला, नक्काशी और कलात्मक डिज़ाइन का अवलोकन करें। इसके इतिहास और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानें।

📸

फोटोग्राफी (यदि अनुमति हो)

जहाँ अनुमति हो वहाँ धार्मिक स्थल की यादगार तस्वीरें लें। फोटोग्राफी करते समय नियमों और पवित्रता का सम्मान करें।

💝

दान करें

धार्मिक स्थल के रखरखाव और सेवा कार्यों के लिए स्वेच्छा से दान करें। अपनी श्रद्धा और इच्छा के अनुसार योगदान दें।

🍛

स्थानीय भोजन का स्वाद लें

धार्मिक स्थल के आसपास उपलब्ध स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लें। क्षेत्र की प्रसिद्ध खाद्य संस्कृति का आनंद उठाएँ।

🛍️

खरीदारी

धार्मिक वस्तुएँ, स्मृति चिन्ह, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद खरीदें। अपनी यात्रा की यादगार वस्तुएँ साथ ले जाएँ।

🎉

धार्मिक उत्सवों में भाग लें

धार्मिक उत्सवों में भाग लेकर भक्ति, संस्कृति और परंपराओं का अनुभव करें। रंग-बिरंगे आयोजनों और सामूहिक उत्सवों का आनंद लें।

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

यात्रा से पहले जानने योग्य बातें जगन्नाथ मंदिर.

🌤

घूमने का सर्वोत्तम समय

अक्टूबर से फरवरी

👕

क्या पहनें

आरामदायक कपड़े और चलने के जूते पहनें। सर्दियों की सुबह में हल्की जैकेट साथ ले जाएँ।.

📷

फोटोग्राफी

सूर्योदय और सूर्यास्त सुंदर तस्वीरों के लिए सबसे अच्छी रोशनी देते हैं।

🍴

स्थानीय भोजन

असली क्षेत्रीय खाने का मज़ा लेने के लिए पास के स्थानीय रेस्टोरेंट्स में जाकर देखो।

🛡️

सुरक्षा सुझाव

अपनी चीज़ें सुरक्षित रखें और अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय नियमों का पालन करें।

🚗

पहुंच सुविधा

यह स्थान सड़कों से पहुँच योग्य है और पास में पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएँ हैं।

💧

पानी साथ रखें

पानी पीते रहो, खासकर गर्मी में और बाहर घूमते समय।

📍

आसपास उपलब्ध सुविधाएँ

होटल, रेस्टोरंट, एटीएम, फ्यूल स्टेशन और मेडिकल सेवाएँ पास में उपलब्ध हैं।

यात्रा जानकारी

🚗

कैसे पहुँचें

  • 📍हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा बिजू पट्नायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है जो लगभग 60 किमी दूर है।,
  • 📍रेल मार्ग: पुरी रेलवे स्टेशन मुख्य भारतीय शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।,
  • 📍सड़क मार्ग: भुवनेश्वर, कटक और आसपास के शहरों से नियमित बसें और टैक्सी उपलब्ध हैं।
💡

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

  • भ्रमण के दौरान सभ्य पारंपरिक कपड़े पहनें।,
  • मोबाइल फोन और कैमरे आम तौर पर अंदर अनुमति नहीं हैं।,
  • भड़कों से बचने के लिए सुबह जल्दी आएं।,
  • कंप्लेक्स के अंदर परोसा जाने वाला मंदिर महाप्रसाद जरूर चखें।,
  • गैर-हिंदुओं को मुख्य मंदिर परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं है, लेकिन पास के दृश्य बिंदुओं से अच्छे दृश्य देखे जा सकते हैं।

यहाँ क्यों जाएँ

  • भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक,
  • प्रसिद्ध रथ यात्रा उत्सव का अनुभव करें,
  • अद्वितीय उड़िया मंदिर वास्तुकला देखें,
  • पवित्र महाप्रसाद भोजन का स्वाद लें,
  • ओडिशा की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का अन्वेषण करें

विशेषताएँ

  • प्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा उत्सव,
  • दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर रसोई,
  • नबाकलेबर रितु के दौरान पवित्र लकड़ी की मूर्तियों का प्रतिस्थापन,
  • मंदिर के गुंबद पर दैनिक रूप से किया जाने वाला अनोखा ध्वज बदलने का रितु,
  • सुंदर पुरी बीच के पास स्थित
गतिविधियाँ

क्या करें

भगवान जगन्नाथ/ बालभद्र/ और सुभद्रा का दर्शन
रथ यात्रा का त्योहार (मुख्य कार्यक्रम जून-जुलाई)।

वर्तमान मौसम

🌤 लाइव मौसम
☀️
--
लोड हो रहा है...
अनुभव तापमान

💧 आर्द्रता

--

💨 हवा

--

👀 दृश्यता

--

☀ यूवी सूचकांक

--

मौसम विवरण


🌡 वायुदाब --
🌧 वर्षा संभावना --
🧭🧭 हवा की दिशा --
🌄 सूर्योदय --
🌇 सूर्यास्त --

🌫🌫 वायु गुणवत्ता


--
Loading...

PM2.5 --
PM10 --
CO --
NO₂ --
O₃ --
SO₂ --

⭐ यात्रा विश्लेषण


--
--
Loading...
Calculating...

🚨 मौसम चेतावनी


मौसम अपडेट की प्रतीक्षा...

⚙ सिस्टम स्थिति


🌐 कनेक्शन Checking...
📍 GPS Detecting...
⚡ API समय --
🕒 अंतिम अपडेट --
FunYatra मौसम विश्लेषण
द्वारा संचालित
स्थान

मानचित्र पर देखें

क्या आपने भ्रमण किया जगन्नाथ मंदिर?

अपना अनुभव साझा करें और अन्य यात्रियों की सहायता करें।

×

अपना अनुभव साझा करें

और देखें

आसपास के पर्यटन स्थल

अक्सर पूछे जाने वाले

घूमने का सर्वोत्तम समय जगन्नाथ मंदिर?

अक्टूबर से फरवरी

खुलने का समय

सुबह 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक

प्रवेश शुल्क

प्रवेश शुल्क ₹निःशुल्क है है।

कितना समय लगता है?

2 से 3 घंटे

कैसे पहुँचें जगन्नाथ मंदिर?

हवाई मार्ग: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा बिजू पट्नायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है जो लगभग 60 किमी दूर है।,
रेल मार्ग: पुरी रेलवे स्टेशन मुख्य भारतीय शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।,
सड़क मार्ग: भुवनेश्वर, कटक और आसपास के शहरों से नियमित बसें और टैक्सी उपलब्ध हैं।

लास्ट अपडेट: 06 July 2026