ज़ीरो • लोअर सुबनसिरी • अरुणाचल प्रदेश
इको पर्यटनज़ीरो वैली अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी जिले में लगभग 1,500 मीटर की ऊँचाई पर स्थित एक मनमोहक घाटी है। यह अपनी सीढ़ीनुमा धान की खेती, हरे-भरे पहाड़ों, देवदार के जंगलों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ अपातानी जनजाति निवास करती है, जो अपनी अनूठी संस्कृति, परंपराओं और पर्यावरण-अनुकूल कृषि प्रणाली के लिए जानी जाती है।
ज़ीरो के पारंपरिक गाँव जैसे होंग, हरि और हिजा पर्यटकों को स्थानीय जीवनशैली और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर प्रदान करते हैं। यहाँ के लोग अतिथि-सत्कार, रंगीन त्योहारों और प्रकृति के प्रति सम्मान के लिए प्रसिद्ध हैं।
ज़ीरो म्यूजिक फेस्टिवल यहाँ का प्रमुख आकर्षण है। इसके अलावा किले पाखो व्यूपॉइंट, टैली वैली वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी, देवदार के जंगल और धान-मछली खेती के खेत पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग, फोटोग्राफी और सांस्कृतिक भ्रमण यहाँ की लोकप्रिय गतिविधियाँ हैं।
यूनेस्को की अस्थायी विश्व धरोहर सूची में शामिल ज़ीरो वैली प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय विरासत का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है, जो इसे पूर्वोत्तर भारत के सबसे खास पर्यटन स्थलों में से एक बनाती है।
What is the best time to visit?
मार्च से मई तथा सितंबर से नवंबर का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और घाटी अपनी पूरी सुंदरता में दिखाई देती है।
What is the entry fee?
₹ No entry fee for the valley. However, Inner Line Permit (ILP) is required for Indian visitors and PAP for foreign visitors.