गोसाबा • दक्षिण 24 परगना • पश्चिम बंगाल
राष्ट्रीय उद्यानसुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान भारत के सबसे आकर्षक वन्यजीव स्थलों में से एक है और यह विश्व के सबसे बड़े मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा है। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी भाग में स्थित यह क्षेत्र घने मैंग्रोव जंगलों, ज्वारीय नदियों, दलदली भूमि और अनेक द्वीपों से मिलकर बना है। इसकी जैव विविधता और पर्यावरणीय महत्व के कारण इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है।
यह क्षेत्र रॉयल बंगाल टाइगर के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां के बाघ मैंग्रोव जंगलों में रहने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित हैं और तैराकी में भी निपुण होते हैं। इसके अलावा यहां खारे पानी के मगरमच्छ, फिशिंग कैट, जंगली सूअर, चीतल हिरण, मॉनिटर लिज़र्ड, गंगा डॉल्फ़िन तथा अनेक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं।
पर्यटक मुख्य रूप से नाव सफारी के माध्यम से सुंदरबन की सैर करते हैं। सजनेखाली, सुधन्याखाली और दोबांकी जैसे वॉच टावर वन्यजीवों को देखने के लिए प्रसिद्ध हैं। शांत वातावरण, हरियाली और अनूठे मैंग्रोव वन इसे प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए स्वर्ग बनाते हैं।
यह क्षेत्र तटीय इलाकों को चक्रवातों और समुद्री ज्वार से सुरक्षा प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मैंग्रोव वन प्राकृतिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करते हैं तथा स्थानीय लोगों की आजीविका का प्रमुख स्रोत हैं। सुंदरबन की यात्रा पृथ्वी के सबसे अनोखे पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक को करीब से देखने का अवसर प्रदान करती है।
What is the best time to visit?
सुंदरबन घूमने का सबसे अच्छा समय नवंबर से फरवरी तक है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है, वन्यजीव देखने की संभावना अधिक होती है और नाव सफारी का अनुभव बेहतर
What is the entry fee?
₹ ₹60–₹120 (varies by zone)