EN हिंदी
भुवनेश्वर
भुवनेश्वर
भुवनेश्वर
भुवनेश्वर
भुवनेश्वर
भुवनेश्वर
भुवनेश्वर
भुवनेश्वर
भुवनेश्वर
भुवनेश्वर
भुवनेश्वर
1 / 11
धार्मिक स्थल

भुवनेश्वर

★★★★★ 4.0 (279 रिवीव)
📍 भुवनेश्वर• खुर्दा• ओडिशा
📍 दिशा प्राप्त करें
🕒
खुलने का समय

सुबह 6:00 बजे से रात 8:00

💰
प्रवेश शुल्क

₹₹20–₹50 भारतीय के लिए

🌤️
घूमने का सर्वोत्तम समय

अक्टूबर से मार्च

समय अवधि

1 दिन

🅿️
पार्किंग

Available

👨‍👩‍👧‍👦
परिवार के लिए उपयुक्त

हाँ

भुवनेश्वर

भुवनेश्वर ओडिशा की राजधानी है और इसे “भारत की मंदिर नगरी” कहा जाता है। यह अपने प्राचीन मंदिरों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास के लिए प्रसिद्ध है। यह शहर इतिहास और आधुनिकता का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है। लिंगराज मंदिर, मुक्तेश्वर मंदिर, धौली शांति स्तूप और नंदनकानन जैविक उद्यान यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। भुवनेश्वर धार्मिक यात्रियों, इतिहास प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल है तथा पुरी और कोणार्क जैसे प्रसिद्ध स्थलों का प्रवेश द्वार भी माना जाता है।

भुवनेश्वर भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है और ओडिशा की राजधानी है। इसे भारत की मंदिर नगरी कहा जाता है क्योंकि यहां सैकड़ों प्राचीन मंदिर स्थित हैं जो कलिंग स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। इस शहर का इतिहास लगभग 2000 वर्षों से भी अधिक पुराना है।

यहां का सबसे प्रसिद्ध आकर्षण लिंगराज मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है। मुक्तेश्वर मंदिर, राजारानी मंदिर और अनंत वासुदेव मंदिर भी दर्शनीय हैं। धौली पहाड़ी ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि कलिंग युद्ध के बाद सम्राट अशोक ने यहीं बौद्ध धर्म अपनाया था।

प्रकृति प्रेमियों के लिए नंदनकानन जैविक उद्यान विशेष आकर्षण है, जहां सफेद बाघ, सफारी और वनस्पति उद्यान मौजूद हैं। उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं जैन धर्म और प्राचीन शैलकृत वास्तुकला की झलक दिखाती हैं। बिंदु सागर झील और एकाम्र हाट स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने का अवसर प्रदान करते हैं।

भुवनेश्वर का मौसम उष्णकटिबंधीय है और सर्दियों का समय घूमने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। शहर हवाई, रेल और सड़क मार्ग से देश के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यह पुरी और कोणार्क के साथ ओडिशा के प्रसिद्ध गोल्डन ट्रायंगल पर्यटन सर्किट का हिस्सा भी है।

📜 इतिहास

भुवनेश्वर, ओडिशा की राजधानी, लगभग 2,000 वर्ष से भी अधिक पुराने इतिहास वाला शहर है। यह पूर्वी भारत के सबसे प्राचीन नगरों में से एक माना जाता है। प्राचीन समय में इसे एकाम्र क्षेत्र के नाम से जाना जाता था, जो भगवान शिव की पवित्र नगरी मानी जाती थी। समय-समय पर कलिंग, सोमवंशी और पूर्वी गंग वंश के शासकों ने इस नगर का विकास किया तथा यहाँ अनेक भव्य मंदिरों का निर्माण कराया।
भुवनेश्वर का इतिहास प्रसिद्ध कलिंग युद्ध से भी जुड़ा हुआ है। वर्ष 261 ईसा पूर्व में सम्राट अशोक और कलिंग राज्य के बीच हुए इस युद्ध में भारी जनहानि हुई। इस विनाश को देखकर अशोक का हृदय परिवर्तन हुआ और उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाकर शांति और अहिंसा का संदेश पूरे एशिया में फैलाया। आज भी शहर के पास स्थित धौली पहाड़ियाँ इस ऐतिहासिक घटना की याद दिलाती हैं।

मध्यकाल में भुवनेश्वर को "मंदिरों का शहर" कहा जाने लगा क्योंकि यहाँ सैकड़ों सुंदर और कलात्मक मंदिर बनाए गए। इनमें लिंगराज मंदिर सबसे प्रसिद्ध है, जो आज भी लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। भारत की आज़ादी के बाद वर्ष 1948 में भुवनेश्वर को ओडिशा की नई राजधानी के रूप में विकसित किया गया। आज यह शहर अपने प्राचीन इतिहास, धार्मिक महत्व और आधुनिक विकास का शानदार संगम प्रस्तुत करता है।

🍛 प्रसिद्ध भोजन

भुवनेश्वर अपने पारंपरिक ओड़िया व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है।
यहाँ आने पर दालमा, पखाला भात, छेना पोड़ा, रसगुल्ला, संतुला, माछा बेसारा (मछली की करी), दही बड़ा आलू दम तथा ताज़ा समुद्री भोजन का स्वाद अवश्य लें। यहाँ का स्ट्रीट फूड भी अपने सादे लेकिन लाजवाब स्वाद के लिए काफी लोकप्रिय है।

यात्रा जानकारी

पर्यटक आँकड़े

👥

0

हजार पर्यटक प्रति वर्ष

4.0/5

औसत रेटिंग

🕒

2-3 Hours

औसत भ्रमण समय

📅

365

साल भर खुले दिन

🏨

64+

नज़दीकी होटल

🍽

53+

नज़दीकी रेस्टोरेंट

यहाँ क्यों जाएँ भुवनेश्वर?

जानिए यह स्थान यात्रियों की पहली पसंद क्यों है।

भुवनेश्वर
🙏

प्रार्थना

शांत और पवित्र वातावरण में प्रार्थना कर ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करें। स्थानीय परंपराओं और धार्मिक नियमों का सम्मान करें।

🛕

दर्शन

देवता के दिव्य दर्शन कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करें। दर्शन के दौरान मंदिर या धार्मिक स्थल के नियमों का पालन करें।

🧘

ध्यान

धार्मिक स्थल के शांत वातावरण में ध्यान लगाकर मानसिक शांति प्राप्त करें। आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्मिक सुकून का अनुभव करें।

🪔

आरती में शामिल हों

पवित्र आरती में शामिल होकर भक्ति और श्रद्धा का अनुभव करें। दीप, मंत्र और भजन के साथ आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लें।

📿

धार्मिक अनुष्ठान

धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक पूजा विधियों में भाग लें। यहाँ की धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं को करीब से जानें।

आध्यात्मिक अनुभव

पवित्र वातावरण में आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करें। प्रार्थना, चिंतन और आत्मिक संतुलन का आनंद लें।

🏛️

धार्मिक वास्तुकला का अवलोकन

धार्मिक स्थल की सुंदर वास्तुकला, नक्काशी और कलात्मक डिज़ाइन का अवलोकन करें। इसके इतिहास और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानें।

📸

फोटोग्राफी (यदि अनुमति हो)

जहाँ अनुमति हो वहाँ धार्मिक स्थल की यादगार तस्वीरें लें। फोटोग्राफी करते समय नियमों और पवित्रता का सम्मान करें।

💝

दान करें

धार्मिक स्थल के रखरखाव और सेवा कार्यों के लिए स्वेच्छा से दान करें। अपनी श्रद्धा और इच्छा के अनुसार योगदान दें।

🍛

स्थानीय भोजन का स्वाद लें

धार्मिक स्थल के आसपास उपलब्ध स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लें। क्षेत्र की प्रसिद्ध खाद्य संस्कृति का आनंद उठाएँ।

🛍️

खरीदारी

धार्मिक वस्तुएँ, स्मृति चिन्ह, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद खरीदें। अपनी यात्रा की यादगार वस्तुएँ साथ ले जाएँ।

🎉

धार्मिक उत्सवों में भाग लें

धार्मिक उत्सवों में भाग लेकर भक्ति, संस्कृति और परंपराओं का अनुभव करें। रंग-बिरंगे आयोजनों और सामूहिक उत्सवों का आनंद लें।

🎉

धार्मिक उत्सवों में भाग लें

धार्मिक उत्सवों में भाग लेकर भक्ति, संस्कृति और परंपराओं का अनुभव करें। रंग-बिरंगे आयोजनों और सामूहिक उत्सवों का आनंद लें।

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

यात्रा से पहले जानने योग्य बातें भुवनेश्वर.

🌤

घूमने का सर्वोत्तम समय

अक्टूबर से मार्च

👕

क्या पहनें

आरामदायक कपड़े और चलने के जूते पहनें। सर्दियों की सुबह में हल्की जैकेट साथ ले जाएँ।.

📷

फोटोग्राफी

सूर्योदय और सूर्यास्त सुंदर तस्वीरों के लिए सबसे अच्छी रोशनी देते हैं।

🍴

स्थानीय भोजन

असली क्षेत्रीय खाने का मज़ा लेने के लिए पास के स्थानीय रेस्टोरेंट्स में जाकर देखो।

🛡️

सुरक्षा सुझाव

अपनी चीज़ें सुरक्षित रखें और अपनी यात्रा के दौरान स्थानीय नियमों का पालन करें।

🚗

पहुंच सुविधा

यह स्थान सड़कों से पहुँच योग्य है और पास में पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएँ हैं।

💧

पानी साथ रखें

पानी पीते रहो, खासकर गर्मी में और बाहर घूमते समय।

📍

आसपास उपलब्ध सुविधाएँ

होटल, रेस्टोरंट, एटीएम, फ्यूल स्टेशन और मेडिकल सेवाएँ पास में उपलब्ध हैं।

यात्रा जानकारी

🚗

कैसे पहुँचें

  • हवाई मार्ग: बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शहर में ही स्थित है।,
  • रेल मार्ग: भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा है।,
  • सड़क मार्ग: बस और राष्ट्रीय राजमार्गों द्वारा उत्कृष्ट संपर्क उपलब्ध है।
💡

यात्रा सुझाव एवं आवश्यक जानकारी

  • मंदिरों में शालीन वस्त्र पहनें।,
  • गर्मियों में पानी साथ रखें।,
  • सुबह जल्दी भ्रमण शुरू करें।,
  • फोटोग्राफी नियमों का पालन करें।,
  • ऐतिहासिक स्थलों पर स्थानीय गाइड की सहायता लें।

यहाँ क्यों जाएँ

  • ऐतिहासिक मंदिर और स्थापत्य कला।,
  • समृद्ध सांस्कृतिक विरासत।,
  • बौद्ध और जैन धर्म से जुड़े स्थल।,
  • परिवार के लिए उपयुक्त पर्यटन स्थल।,
  • पुरी और कोणार्क का प्रवेश द्वार।

विशेषताएँ

  • भारत की मंदिर नगरी के रूप में प्रसिद्ध।,
  • 700 से अधिक ऐतिहासिक मंदिर।,
  • कलिंग वास्तुकला का प्रमुख केंद्र।,
  • ओडिशा के गोल्डन ट्रायंगल का हिस्सा।,
  • विरासत और आधुनिक स्मार्ट सिटी का अनूठा संगम।
गतिविधियाँ

क्या करें

लिंगराज मंदिर के दर्शन करें।
मुक्तेश्वर और राजारानी मंदिर देखें।
धौली शांति स्तूप जाएं।
नंदनकानन सफारी का आनंद लें।
उदयगिरि और खंडगिरि गुफाएं देखें।
एकाम्र हाट में खरीदारी करें।
ओड़िया व्यंजनों का स्वाद लें।
बिंदु सागर झील घूमें।
लाइव मौसम

वर्तमान मौसम

☀️

--°C

...

भुवनेश्वर, ओडिशा
💧 नमी

--%

🌬 हवा

-- km/h

🌅 सूर्योदय

--

🌇 सूर्यास्त

--

स्थान

मानचित्र पर देखें

क्या आपने भ्रमण किया भुवनेश्वर?

अपना अनुभव साझा करें और अन्य यात्रियों की सहायता करें।

×

अपना अनुभव साझा करें

और देखें

आसपास के पर्यटन स्थल

अक्सर पूछे जाने वाले

अक्टूबर से मार्च

सुबह 6:00 बजे से रात 8:00

The entry fee is ₹₹20–₹50 भारतीय के लिए.

1 दिन

हवाई मार्ग: बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा शहर में ही स्थित है।,
रेल मार्ग: भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा है।,
सड़क मार्ग: बस और राष्ट्रीय राजमार्गों द्वारा उत्कृष्ट संपर्क उपलब्ध है।