फतेहपुर सिक्री • आग्रा • उत्तर प्रदेश
ऐतिहासिक स्थलफतेहपुर सिक्री एक ऐतिहासिक शहर है जिसकी स्थापना 1571 में मुगल सम्राट अकबर ने अपने साम्राज्य की राजधानी के रूप में की थी। मुख्य रूप से लाल बलुआ पत्थर से बने इस शहर में हिंदू-इस्लामी, फारसी और भारतीय वास्तुकला शैलियों का शानदार मेल देखा जा सकता है। हालांकि जल संकट के कारण यह केवल लगभग 14 वर्षों तक ही मुगल राजधानी के रूप में सेवा करता रहा, फिर भी फतेहपुर सीकरी भारत के सबसे अच्छी तरह संरक्षित मुगल परिसर में से एक बना हुआ है।
शहर में बुलंद दरवाजा जैसी भव्य संरचनाएं शामिल हैं, जो दुनिया के सबसे ऊँचे द्वारों में से एक है; जामा मस्जिद, एक बड़ा जुमे का मस्जिद; दीवान-ए-आम (सार्वजनिक सभागृह); दीवान-ए-खास (निजी सभागृह); पंच महल; जोधाबाई का महल; और प्रसिद्ध सलीम चिश्ती का मकबरा, एक सफेद संगमरमर की सूफ़ी दरगाह जिसे सभी धर्मों के श्रद्धालु श्रद्धा सहित आते हैं।
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित, फतेहपुर सीकरी मुगल योजना, कला और सांस्कृतिक सौहार्द का जीवंत प्रमाण है, जो इसे इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक अवश्य-देखने योग्य स्थल बनाता है।
What is the best time to visit?
What is the entry fee?
₹ ₹50